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Sunday, December 11, 2011

जो मिल गया बस वही अपना है

हैलो दोस्तो! कई बार आप किसी के पास रहकर भी कितनी दूर होते हैं। और कई बार आप बहुत दूर रहकर भी बेहद करीब। दरअसल, यह नजदीकी व दूरी का सफर तय करता है आपका दिमाग। आपका दिमाग जिसे पसंद करता है, प्यार करता है और चाहता है, वह सात समंदर पार रहकर भी आपके मन में बसा रहता है। 

आपके दिल की हर धड़कन में उसके नाम की गूंज आती है और आपकी सांस में उसके वजूद की खुशबू। पर जो व्यक्ति आपके दिल-दिमाग पर हुकूमत नहीं करता, वह चाहे आपके जितना भी निकट क्यों न रहता हो, आपको वह कोसों दूर लगता होगा। कई प्रेमी जोड़े सालो-साल मिलने की आस में खुशी-खुशी अपनी जुदाई पलक झपकते काट लेते हैं और किसी को एक पल का साथ गुजारना भी वर्षों का वक्त बिताने जैसा लगता है। 

जब दो लोग एक-दूसरे की मजबूरी समझते हैं, साझा करते हैं तो उनमें तमाम कठिनाइयों से मुकाबला करने की अनोखी शक्ति आ जाती है और वही शक्ति हर परिस्थिति से जूझने का हौसला देती है। 

जिस रिश्ते में एक-दूसरे को खुशी देने की इच्छा होती है वहां दो घड़ी का साथ भी उन्हें महीनों की दूरी सहन करने की ऊर्जा से भर देता है पर जहां प्रेम की वास्तविक धारा न बहती हो वहां संग-संग रहकर भी कोई अनूठी ताकत नहीं मिलती है । ऐसे संग रहने वाले जोड़े तब ईर्ष्या से भर उठते हैं जब वे अलग रहने वाले प्रेमियों को खुशी-खुशी अपना-अपना जीवन बिताते देखते हैं । 

ऐसे ही हालात से दो-चार हो रहे हैं आसिफ (बदला हुआ नाम)। आसिफ, शबाना (बदला हुआ नाम) से प्यार करते थे पर दोनों के घरवाले इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थे। शबाना अपने परिवार से रिश्ता तोड़कर भी अपना प्यार बचाना चाहती थी पर आसिफ के प्यार में उतनी ताकत नहीं थी। वह अपने परिवार के खिलाफ नहीं जाना चाहता था। 

उसने शबाना से माफी मांग ली और अपने मां-बाप की मर्जी की शादी कर ली। उधर शबाना ने अपने दुख से उबरने के लिए एक नौकरी शुरू कर दी जहां छह महीने के बाद उसे फिर से अन्य व्यक्ति से प्यार हो गया है। उसका प्रेमी दो वर्षों के लिए गल्फ देश गया है जहां से लौटने के बाद वे दोनों शादी करने वाले हैं । 

शबाना खुश है, मजे में अपनी नौकरी कर रही है। उसके चेहरे पर अपने महबूब के दूर रहने की शिकन भी नहीं दिखती। उस पर तुर्रा यह कि वह पहले से भी ज्यादा स्वस्थ, दिलकश व आत्मविश्वासी लगने लगी है। आसिफ को इस बात से जलन होती है।

उसे लगता है, मां-बाप की पसंद की दुल्हन में वह बात नहीं है जो उसकी दोस्त शबाना में थी। उसे उसकी तमाम अच्छी आदतें याद आती हैं और ये खयालात उसे चैन से जीने नहीं देते कि अब शबाना का प्यार किसी और के लिए है। 

Love Mantra
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आसिफ जी, आप अपनी पत्नी में यदि शबाना को खोजेंगे तो वह कभी आपको अच्छी नहीं लगेगी। हर मनुष्य अपने आपमें अनूठा व मुकम्मल है। उसे उसी के स्वरूप में कबूल करना चाहिए। शबाना को ठुकराने का फैसला भी आपका अपना ही है। 

आपको लगता है शबाना भाग्यशाली है इसलिए उसे सही साथी मिल गया जिसके साथ दूर रहकर भी वह इतनी प्रसन्न है। पर यह केवल खुशकिस्मती की बात नहीं है बल्कि शबाना खुद भी सच्ची, सही व दयालु है इसलिए उसे प्यार की सच्ची अनुभूति महसूस होती है जिसके कारण वह प्रसन्न व आनंदित है। आपकी सारी तकलीफ इस बात की है कि आपने हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। 

अब इन सारे बिंदुओं पर सोचने-विचारने का समय निकल गया है। अब जो साथ है उसकी परवाह कीजिए वरना ऐसा न हो कि वह भी मायूस होकर अपना ध्यान हटा ले। आपका रिश्ता नया है। यदि आप अपनी पत्नी की सुध लेना शुरू करेंगे तो हो सकता है, उसके वे गुण सामने आने लगें जिनकी आपको तलाश है। रही बात शबाना की तो इस रहस्य को जानकर भी आपको कौन सा सुकून मिल जाएगा कि आखिर वह अपने प्यार से दूर रहकर भी कैसे खुश है। 

शबाना ने तो आपकी फिक्र करने व कुढ़ने के बजाय अपनी नगरी फिर से आबाद कर ली क्योंकि वह आपके फैसले का आदर करना जानती है। वह हकीकत को सलाम करती है। पर आप आज भी अपने फैसले को गलत मानकर खुद को माफ नहीं कर रहे हैं। यह सोचकर खुद पर नाज करें कि आपने अपने मां-बाप का दिल रखा। 

उस समय जो ठीक व उचित लगा वह आपने किया, फिर मलाल कैसा। अब उनका इतना और सम्मान कर दें कि जो उनकी पसंद को आपने अपनाया है उसे भी उसका अधिकार दें। खुशियां आपके भी कदम चूमेंगी। यह सोचकर गमगीन न हों कि आपके भाग्य में दुख ही लिखा है। जब शबाना शादी करके वहां से चली जाएगी तो आपका अपनी गृहस्थी में रमना और भी आसान हो जाएगा।

शादी के बाद : प्यार में होती है खुशियां हजार




Love In Hindi
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वैवाहिक जीवन में बहुत सारी सामाजिकता और बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं। इसमें हर पल रस का सृजन करते रहना पड़ता है। यदि इस जीवन से रस विलुप्त हुआ तो जीवन बहुत कठिन होता चला जाएगा और जीवन के हर दौर में प्रेम ही रस का सृजन करता है तो जाहिर है वैवाहिक जीवन की कठिन सामाजिकता के निर्वहन में प्रेम ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। 

यहां प्रेम एक ऐसे सेतु का कार्य करता है, जिसके कारण पति-पत्नी ताउम्र स्वेच्छा से एक-दूसरे का साथ निभाते ही हैं साथ ही कर्तव्यों का निर्वहन भी खुशी-खुशी तन्मयता से करते हैं। प्यार के बिना सुखी परिवार की कामना व्यर्थ है। 

दौलत चाहे कितनी कमा लें, किंतु दांपत्य जीवन में यदि प्यार का अभाव है तो खुशियों का कमल कभी खिल ही नहीं सकता है, क्योंकि दौलत से केवल सुविधाएं खरीदी जा सकती हैं, मगर सुख नहीं। वाह-वाही बटोरी जा सकती है पर खुशियां नहीं, जहां सुख का आधार संतोष है, वहीं खुशियों की आधारशिला प्रेम है। 
Love In Hindi
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प्रेम की महत्ता आज ही नहीं अतीत में भी अपने विभिन्न तथा विराट रूप में हमेशा विद्यमान रही है, स्वस्थ और सुखी परिवार की व्याख्या की जाए तो उसकी ढेरों शाखाओं में दांपत्य जीवन के प्यार का स्थान ही प्रथम होगा। 

यह सर्वमान्य सत्य है कि दांपत्य प्रेम सदा-सर्वदा से स्वयं के अतिरिक्त परिवार और समाज में स्वच्छ और तनावरहित वातावरण निर्मित कर उसे सुदृढ़ता प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है दांपत्य जीवन के प्यार में होती है खुशियां हजार। बस इन खुशियों के लिए करना पड़ेगा अपनी आदतों, व्यवहार और सोच में थोड़ा-सा बदलाव

जरूरत न हो फिर भी एक-दूसरे का काम यदि शेयर कर सकते हैं तो करें।

इस भावना को हमेशा जीवंत रखें कि खुशी हो या गम बराबर में हिस्सेदारी निभाएंगे हम।

ब्यूटी पार्लर से प्राप्त कृत्रिम सौंदर्य दांपत्य प्रेम के लिए आवश्यक है अथवा नहीं, यह व्यक्तिगत रुचि पर निर्भर करता है, लेकिन मितव्ययता प्रेम को प्रगाढ़ बनाने में हमेशा कारगर सिद्ध होती है। 

विश्वासघात का एक ओला काफी है प्रेम की लहलहाती फसल चौपट करने के लिए, विश्वासघात दांपत्य प्रेम का सबसे बड़ा शत्रु है, इससे बचें।

विचार अलग-अलग हो सकते हैं, इन्हें मतभेद की तरह लें, विवाद न बनने दें। 
प्यार में होती है खुशियां हजार
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एक-दूसरे की अहमियत स्वीकारने में कंजूसी न बरतें, इससे अहम कम होता है और प्यार का पौधा लहलहाता है। 

ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे साथी की भावनाएं आहत हों।

पसंदीदा औऱ उपयोगी वस्तुएं तोहफे में दें, प्यार बढ़ेगा। 

अपनी जिद पर नियंत्रण रखें। इससे रिश्तों को तनाव से बचा पाएंगे। 

रंग-रूप को लेकर छींटाकशी न करें और न ही स्वयं से या किसी और से तुलना करें, न ही तानों की तलवार चलाएं।

जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारें। दिखावे और आडंबरों से दूर रहें। 

सुविधा और सामर्थ्य के अनुरूप ही वीकेंड पर घूमने जाने या संगी-साथियों से मिलने का प्लान बनाएं। 

भावनात्कम जुड़ाव जिंदगीभर दांपत्य प्रेम को जीवंत रखता है, अत: एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए कभी भी अशोभनीय प्रयोग या व्यवहार का प्रदर्शन न करें। 

Wednesday, November 23, 2011

क्या हुआ जो दिल टूट गया...

WD
ब्रेकअप के बाद नॉर्मल लाइफ में लौटना आसान नहीं होता, लेकिन यह क्यों भूला जाए कि जीवन चलने का नाम होता है और ऐसी बातों से इसकी गाड़ी पर ब्रेक नहीं लगता। प्यार की खुमारी ऐसी ही होती है कि जब तक इंसान उसमें डूबा रहता है, उसे दुनिया का होश नहीं रहता। लेकिन यही रिश्ता अगर टूट जाए, तो इस दर्द से उबर पाना आसान नहीं होता। लेकिन जिंदगी किसी के जाने से रुकती नहीं है और इसे तो आगे ही बढ़ा होता है। ऐसे में जरूरी है कि इस चीज से बाहर आकर मुस्कुराना सीखना चाहिए।

खुद को अच्छे से ट्रीट करें
ब्रेकअप के बाद अक्सर लोग एकदम टूट जाते हैं या फिर खुद को कोसते रहते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो ऐसा न करें। अपने अतीत को भूलने की कोशिश करें। इससे आप इमोशनल तौर पर कमजोर नहीं होंगे। खुद को महत्व देना सीखें। ब्रेकअप के बाद कई लोग जिम या पार्लर जाना बंद कर देते हैं। आप ऐसा कतई न करें।

इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि आपको इसी समाज में जीना है और वह भी सिर उठाकर। तो सारा ध्यान अपने करियर पर फोकस करें। अपनी पसंद की हॉबी क्लास जॉइन करें। अपना सही रूटीन बनाएं और उसी को फॉलो करें। अपने मूड को अच्छी चीजों की ओर मोड़ें और पॉजिटिव सोच रखें। कभी यह न सोचें कि ब्रेकअप के बाद आपकी लाइफ में कुछ भी अच्छा नहीं होगा।

दोस्तों के साथ समय बिताएं
मूड ऑफ करके घर में अकेले रहने से बात नहीं बनेगी। अपने दोस्तों को हमेशा विश्वास में रखें और करीबी दोस्तों से अपनी बातें शेयर करें। उनके साथ बाहर घूमने भी जाएं। इस तरह आप अपनी भावनाएं उनसे कह पाएंगे। अपने दोस्तों के साथ कॉमेडी फिल्म देखना अच्छा आइडिया रहेगा। अगर आप किताबें पढ़ने के शौकीन हैं, तो अपने फेवरेट लेखक की बुक्स पढ़ें या फिर अच्छा म्यूजिक सुनें।

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ध्यान कहीं और लगाएं
अपनी एक्स गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के लेटर्स व फोटो संभालकर न रखें। अपनी भावनाओं को छिपाएं नहीं और ना ही बहुत ज्यादा रोएं। लोग अक्सर अपने लवर को याद करके आंसू बहाने लगते हैं और यही उनकी कमजोरी बन जाते हैं। इससे आप फिजिकल और मेंटल तौर पर कमजोर पड़ सकते हैं।

अपने पुराने प्यार को अपनी जिंदगी से दूर करने के लिए उससे जुड़ी सारी चीजें खुद से दूर कर दें। आप चाहें तो अपना ध्यान स्प्रिचुएलिटी की ओर भी लगा सकते हैं। इससे आपको स्ट्रेंथ मिलेगी। अगर आपका इंटरेस्ट सोशल वर्क में है, तो एनजीओ जॉइन कर लें या कोई और सुकून देने वाला काम करें। ऐसे लोगों से मिलकर आपको अहसास होगा कि तमाम लोग आपसे भी ज्यादा परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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संयम रखें
कुछ लोग ब्रेकअप के दर्द से उभरने के लिए जल्दबाजी में दूसरा अफेयर शुरू कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह वे अपना तनाव दूर कर लें। हालांकि कई बार यह फैसला आपको और परेशान कर सकता है। इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और अच्छी तरह सोचने व समझने के बाद ही आगे बढ़ें।

आगे की सोचें
अपने फ्यूचर पर ध्यान दें। अक्सर लोग ब्रेकअप के बाद अपराधबोध महसूस करने लगते हैं या फिर नकारात्मक विचारों में घिर जाते हैं। अगर आप इनमें से एक हैं, तो इस बात को ध्यान में रखकर चलें कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है। इस बात का भी ध्यान रखें कि अपने कलीग्स व दोस्तों के साथ मिलकर अपने एक्स बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के बारे में गॉसिप न करें।

अगर इन तमाम कोशिशों के बावजूद आप ब्रेकअप के दर्द से उभर नहीं पाते, तो प्रोफेशनल हेल्प लेने में झिझकें नहीं। डॉक्टर्स व काउंसलर इस सिचुएशन से निकलने में आपकी मदद कर सकते हैं

अब उसे भूलने की कोशिश करें!

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हेलो दोस्तो! कई बार हम जिस चीज के लिए अपनी अरुचि या नापसंदगी दिखाते हैं एक दिन वही चीज हमारे लिए सबसे प्रिय व अनमोल वस्तु बन जाती है। कहते हैं, बदलाव के अलावा इस धरती पर हर कुछ बदलता रहता है।

पर किसी के दिल व दिमाग में जिस प्रकार का बदलाव आता है शायद उसका कोई सानी नहीं है कभी कम्युनिस्ट भी पूरी तरह पूंजीवादी विचारधारा के समर्थक बन बैठते हैं और देखते-देखते नास्तिक, आस्तिक बन जाते हैं। इन सब परिवर्तनों पर भी उतना आश्चर्य नहीं होता जितना प्रेम करने वालों के पल भर में इस करवट या उस करवट पाला बदलने पर होता है।

शायद एक प्रेम करने वाला व्यक्ति खुद अपने दिल से इस बदलाव का कारण पूछे तो वह खुद भी कोई तार्किक या संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। वहां तो जैसे हर तर्क से परे एक ही उत्तर होता है बस अब यही चाहिए या फिर अब उसका नाम, उसकी छाया कुछ भी सामने न हो। ऐसे मनमौजी बदलाव का भला क्या मतलब निकाला जाए। ऐसे पल्ला झाड़ने वाले पर कोई कैसे भरोसा करे। सामने वाला ऐसे रिश्ते पर कैसे विश्वास करे। पर जिसे नफरत करें उसे ही पाने की ऐसी धुन सवार हो जाए कि विकल्प में कुछ भी नहीं बचे तो कोई क्या सुझाव दे।

ऐसे ही धुन में गलकर घुले जा रहे हैं अर्जुन (बदला हुआ नाम)। अर्जुन, अर्चना से प्रेम करते हैं। दोनों एक-दूसरे को चाहते थे पर अर्जुन को अपनी दोस्त पर शक का ऐसा भूत सवार हुआ कि वे उसके साए से भी कतराने लगे। न मिलना, न फोन का जवाब देना यहां तक कि उन्होंने आने-जाने के वे तमाम रास्ते बदल दिए जहां से अपनी दोस्त से टकराने की जरा भी गुंजाइश थी।

नतीजा यह हुआ कि उनकी दोस्त ने थक हारकर अपना जीवन का रास्ता अलग कर लिया। पर, अब जब वह पूरी तरह उनके जीवन से दूर जा चुकी है, अर्जुन दिन-रात उसकी राह निहारते हैं। उससे संवाद, बनाने का सारा तिकड़म करते हैं। उन्हें पागलों की तरह खोजते फिरते हैं। अब उनकी दोस्त ने अपना फोन नंबर बदल लिया है। अचानक इस बदलाव का कारण है, उनके शक का गलत साबित होना। उन्हें अहसास हो गया है कि उन्होंने शक करके अपनी दोस्त के साथ अन्याय किया है। अब दुख, ग्लानि, पश्चाताप में न केवल वे जल रहे हैं बल्कि उन्हें अपना जीवन ही उसके बिना बेमानी लगने लगा है।

अर्जुन जी, एक बात साफ है कि आपकी दोस्त अब कभी वापस आने वाली नहीं है। गुस्सा, फटकार, मनमाना इल्जाम, बेइज्जती जैसे नकारात्मक अहसास को सहने की एक सीमा होती है। जिससे जितना प्यार महसूस होता है, इनसान उसे उसी अनुपात में सहन करता जाता है। इंतजार करता है कि यह गलतफहमी के बादल छंट जाएंगे और सब कुछ ठीक हो जाएगा। इस सुधार की आशा में सामने वाला झुकता जाता है। पर झुकने की भी अपनी हद होती है। फिर एक समय ऐसा होता है जब इनसान टूट जाता है।

जिस प्रकार टूटे हुए किसी सामान को पुरानी अवस्था में हूबहू लाना कठिन होता है ठीक उसी तरह ऐसे रिश्ते में वही पुरानी सहजता व जोश प्यार की उम्मीद करनी बेकार है। अति किसी भी चीज की बुरी होती है। आपने इस रिश्ते में उसे बार-बार ठुकराकर, नीचा दिखाकर एक प्रकार की अति तो कर ही दी है। अब इसका खामियाजा आपको अपनी दोस्त को खोकर ही भुगतना पड़ेगा।

रही बात आपके जीवन को सामान्य बनाने की तो अपनी गाड़ी पटरी पर लाने के लिए आपको यह स्वीकार करना पड़ेगा कि अब वह आपके जीवन से दूर जा चुकी है। कोई भी हकीकत स्वीकार कर लेने के बाद जीना आसान हो जाता है। क्या आपको तारे बहुत अच्छे लगते हैं तो आप उसे पाने के लिए दिन-रात रोते रहेंगे। आप इसलिए नहीं रोएंगे क्योंकि आप यह जानते हैं कि आप उसे कभी नहीं पा सकते हैं। इसी तरह जिस पल आप यह पूर्णरूप से स्वीकार कर लेंगे कि आपकी दोस्त भी एक ऐसी ही तारा है जो कुछ क्षण के लिए आपके जीवन के आकाश पर चमकी थी, तो आप उसे खुशी-खुशी भूल जाएंगे।

अपनी दोस्त से जितना भी आपको प्यार मिला था उसे मन में संजोकर, उसे अंतिम विदाई दे दें। सब कुछ आपके मन पर ही निर्भर करता है। जब प्यार किया था वह भी आपका मन था, जब शक किया तब भी आपका ही मन था। अब इस सच्चाई को स्वीकार करने वाला भी आपका ही मन होगा। दुख, ग्लानि, नाराजगी से आपका जीवन बर्बाद होगा और किसी का कुछ भी नहीं बिगड़ेगा।

प्यार और 'प्यार का भ्रम'

Romance Tips in Hindi
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हैलो दोस्तो! प्यार एक ऐसा अहसास है जिसका भ्रम मात्र भी आपको खुशियों के झूले पर झुलाता है। इसलिए कई लोग हकीकत जानते हुए भी इस भ्रम में जीना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है, प्रेम का भ्रम जब तक बना रहेगा जीवन की नैया इतनी ही आसानी से बहती रहेगी। यही कारण है कि सच्चाई नकारने के लिए लोग अनेक कारण और बहाने मन में बना लेते हैं।

वे सोचते हैं कि किसी विशेष परिस्थिति में प्रेम का व्यवहार इसलिए प्रदर्शित नहीं हो पाया कि फलां मजबूरी थी।

भ्रम पालने वाले वास्तविकता से मुंह चुराते रहते हैं कि कहीं इसे स्वीकार कर यह प्यारा खेल समाप्त न हो जाए। दरअसल, प्रेम का भ्रम नए सिरे से पालने में भी बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सही पात्र खोजना, उससे न्यूनतम मर्यादा की अपेक्षा करना भी कोई आसान काम नहीं होता है।

सच तो यह है कि भ्रम में उलझे रहने वाले प्रेम में भी कुछ अंश कभी न कभी सच्चे प्रेम का भी रहता है। चाहे वह सच्चा अहसास पल भर का ही क्यों न हो पर वही भावना निर्जीव अहसास को सजीव करती रहती है। वैसे तिनके का फिर सहारा खोजना भी बहुत मुश्किल होता है। इसीलिए उसी भ्रम को बनाए रखने के लिए मनुष्य हर मुमकिन प्रयास करता है।

ऐसे ही भ्रम के टूटने से घबराई हुई है प्रिया (बदला हुआ नाम)। प्रिया, पिछले चार वर्षों से राघव (बदला हुआ नाम) से सच्चे मन से प्यार करती है। पर उसे धीरे-धीरे यह अहसास हो गया कि राघव को उससे प्यार नहीं है। हालांकि प्रिया को इस रिश्ते की सच्चाई बहुत पहले समझ में आने लगी थी पर वह उस भ्रम में जीने में ही खुशी महसूस कर रही थी।

वह सोचती थी चलो सौ न सही 5 प्रतिशत या 2 प्रतिशत तो प्रेम की भावना भी होगी पर धीरे-धीरे उसकी वह डोर भी हाथ से छूटती नजर आती है। इस सच्चाई का सामना करने से वह घबरा रही है।

प्रिया, आप इस रिश्ते की सच्चाई लंबे समय से जान रही हैं पर आप अपना भ्रम पालने के लिए कोई न कोई कोण अवश्य तलाश लेती थीं ताकि इस रिश्ते को लेकर जो आपकी समझ थी वह झूठी साबित न हो। यह एक विचित्र फितरत है कि हर मनुष्य अपनी आस्था, अपने विचार, अपने रिश्ते, अपनी सोच व समझ को सही मानकर बचाने के लिए आखिरी दम तक कोशिश करता है। उसे सबसे ज्यादा कष्ट अपनी आस्था के गलत साबित होने की वजह से होता है।

प्रिया आपको भी सबसे ज्यादा बुरा यह लग रहा है कि आखिर जिसे आपने सही माना वह गलत क्यों कर निकला। जिसकी हर बात पर आप आंखें मूंदकर विश्वास करना चाहती थीं वह इतना बड़ा फरेबी क्यों कर साबित हुआ। प्रेम चाहे अपने बच्चे से हो या परिवार के किसी सदस्य से हो या फिर दोस्त से हो, उसमें एक मासूमियत का पक्ष तो अवश्य शामिल होता है और, उस मासूम अहसास को जब चोट पहुंचती है तो मन सबसे ज्यादा आहत होता है।

Romance Tips in Hindi
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आपको लगता है यदि वह साफ-साफ शब्दों में यह कहता कि वह आपको उस तरह प्रेम नहीं करता जैसे आप करती हैं। या केवल अंतरंग दोस्ती है, प्यार नहीं है तो शायद आपको उतनी तकलीफ नहीं होती। तब भी शायद आप एक तरफा प्रेम करती जातीं। पर, हजार किस्म के फरेबी जाल बुनकर उलझाए रखना, आपको अधिक नागवार लग रहा है।

आपको लगता है, काश जिसे प्रेम किया वह इतना साहसी होता कि आपको अपनी सही भावना से अवगत कराता। कम से कम एक अच्छे दोस्त की तरह सच्चाई का सामना करना सिखाता। पर, इसके बजाय उसने तरह-तरह के भ्रम पैदा किए।

प्रिया जी, जब जागो तभी सवेरा। कोई बात नहीं प्रेम का भ्रम ही सही उसका भी अपना सुख है। चलिए उतने दिन आपने वही सुख जीया वह भी कम नहीं है। यही सोचकर माफ कर दीजिए कि उसकी वही फितरत रही होगी या फिर कोई मजबूरी जिसे उसने कभी पूरे मन से आपके सामने नहीं रखा।

गलती उससे भी हुई है और आपसे भी। आपने भी तो उसे आंखें मूंदकर चाहा। आप दोनों का दोष बराबर है। उसे भी माफ कीजिए और खुद को भी। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी।

पहले प्यार की पहली 'डेट'

Dating Tips
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अक्सर युवा अपनी पहली डेट को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं। कई बार तो वे इसके लिए इतने उत्साहित हो जाते हैं कि उन्हें दुनिया जहान की कोई खबर ही नहीं रहती। अपने इसी अतिउत्साही रवैये के कारण वे अपनी पहली डेट के रोमांच को ही खत्म कर देते हैं।

अक्सर युवा अपनी पहली डेट पर जाने-अनजाने कई छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं। जो उनके डेट पार्टनर को बुरी लग जाती हैं और उनकी पहली डेट आखिरी डेट में बदल जाती है। कहते हैं न कि 'फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन'।

हमेशा इस बात का ध्यान रखें, पहली डेट पर आपका इंप्रेशन ऐसा हो जिससे आपका पार्टनर आपकी तारीफ किए बिना न रह पाए। अपनी पहली डेट को आखिरी डेट बनने से बचाने के लिए अपनाएं ये कुछ उपयोगी टिप्स:-

1 पहली डेट के लिए हमेशा चहल-पहल वाले स्थान को ही प्राथमिकता दें। ऐसा करने से आपके पार्टनर के मन में आपकी सकारात्मक छवि बनेगी। और सुरक्षा के नजरिए से भी यह जगह ठीक रहेगी।

2 कभी भी अपनी पहली डेट पर खाली हाथ न जाएं।

3 हमेशा खुद के ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करें। अगर आपके पास व्हीकल नहीं है तो लोकल ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करें। अपने दोस्त, रिश्तेदार से व्हीकल मांगने की गलती न करें।

Dating Tips
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4 बातचीत में हमेशा बेलेन्स बनाए रखें।

5 आप जो हैं वही रहें कोई ओर बनने की कोशिश न करें।

6 अगर आपने डेट प्लान की है तो अपने पार्टनर को ऑर्डर करने दें।

7 खाते वक्त टेबल मैनर्स जरुर फॉलो करें।

8 अपने पॉजिटिव पॉइंट ही सामने रखें।

9 कोई भी ऐसी बात करने से बचें जो आपके पार्टनर को असहज फील कराए।

10 बैठते समय, बात करते समय बॉडी लैंग्वेज पर भी जरुर ध्यान दें।

अपनी पहली डेट पर इन बातों का खास ध्यान रखें और अपनी छवि बिगड़ने से बचाएं। सिर्फ पहली डेट पर ही नहीं अपनी हर डेट पर इन बातों का ध्यान रखिए। कहीं ऐसा न हो अगली डेट पर वही पुरानी गलतियां कर अपना इंप्रेशन आप खुद ही खराब कर डालें।

Friday, November 18, 2011

लव मंत्र : पांच खूबियां, जो चाहती हैं लड़कियां पांच प्रमुख बातें : जो लड़की अपने साथी में चाहे

प्यार, इश्क, मोहब्बत इन शब्दों को पढ़ते ही हमारा मन रुमानी भावों से भर जाता है। इश्क में पड़ते ही हमें हर चीज रंगीन नजर आने लगती है। प्यार के इस रंगीन एहसास को महसूस करने के लिए जरुरत है उस शख्स की, जिसे देख कर हम कह सके कि हां, यही है वह जिसका हमें इंतजार था।
Romance Tips in Hindi

लड़कों के लिए यह पहली नजर का प्यार हो सकता है लेकिन लड़कियों के लिए ऐसा नहीं है। हर लड़की के सपने में उसका राजकुमार रहता है, जिसे वह हकीकत में भी देखना पसंद करती है। अपने मन में बनाई इस रूपरेखा के ही अनुरूप ही वह अपने साथी का चयन करती है। आइए जानते हैं कि लड़कियां अपने साथी में क्या खूबियां चाहतीं हैं।

1 ईमानदारी और विश्वास: ईमानदारी और विश्वास हमेशा से ही एक अच्छे रिश्ते की रीढ़ है। हर लड़की चाहती है कि उसका साथी उस पर यकीन रखे और रिलेशन के प्रति ईमानदार रहे।

2 आदर का भाव: लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी और उनके परिवार की इज्ज‍त करने वाला हो। साथ ही उसके मन में अन्य लड़कियों के प्रति भी आदर का भाव हो।

Romance Tips in Hindi
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3 समानता: आज की लड़कियां चाहती हैं कि उनका पति उन्हें समानता की नजर से देखे। भा‍रत मुख्यत: पुरूष प्रधान देश है। बचपन से ही लड़कियों को अपने पति के अधीन रहने की सीख दी जाती है। बदलते परिवेश के साथ लड़कियों की सोच में भी परिवर्तन हुआ है। उनका मानना है कि पति-पत्नी जीवन रथ के दो पहिए क‍ी तरह हैं जिनका समान होना जरुरी है।

4 भावनाओं की कद्र : लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं की कद्र करे और हमेशा एक मजबूत आधार की तरह उसका साथ दे।

5 सूरत नहीं सीरत : लड़कियां लड़कों की सूरत से ज्यादा सीरत पर मरती हैं इसलिए वे चाहतीं हैं कि उनका पार्टनर जैसा भी हो पर एक सज्जन पुरुष जरूर हो।

ब्वॉयफ्रेंड को नहीं पसंद गर्लफ्रेंड की 5 बातें

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हर इंसान में कुछ अच्छाइयां और कुछ बुराइयां होती हैं। मानव मन की प्रवृत्ति हमेशा से ही बुराइयों पर ध्यान देने की रही है। इंसान की सौ अच्छाइयों के आगे उसकी एक बुराई भारी पड़ जाती है। हम अपने प्रियजनों की अच्छाइयों को भूल जाते हैं और उनकी बुरी बातों को दिल से लगा लेते हैं। और यही बुरी बातें हमारे रिश्तों में कड़वाहट और दूरियों का कारण बन जाती हैं। और जब बात हो हमारी लव लाइफ की तो ऐसा होना लाजमी है।

आइए जानते हैं कि लड़कियों की ऐसी कौन सी पांच बातें हैं जो लड़कों को नहीं है पसंद।

अब बस भी करो रोना : लड़कों को सबसे ज्यादा चिढ़ लड़कियों के रोने से है। कोई अनचाही बात हुई नहीं और उनका रोना शुरु। फिर उन्हें मनाओ तो और रोने लगती हैं और नहीं मनाओं तो भी दिक्कत होती है।

प्लीज, मुझे बाजार ले चलो : लड़कियों का हर बात में लड़कों पर निर्भर रहना उन्हें कतई पसंद नहीं है। उनका मानना है कि लड़कियों को अपने काम खुद करने चाहिए। छोटी-छोटी बातों के लिए उन्हें हम पर निर्भर रहने की जरुरत नहीं है। अगर उन्हें शॉपिंग जाना है और हमारे पास टाइम नहीं है तो उन्हें खुद चले जाना चाहिए।

तुम हमेशा ऐसा करते हो : लड़कियों के ओवर रिएक्ट करने से भी उन्हें चिढ़ है। उनका मानना है कि लड़कियां ऐसे बिहेव करती हैं जैसे कि उस बात से बड़ी बात तो कोई हो ही नहीं सकती। जिस बात को प्यार के साथ आसानी से समझाया जा सकता है उसी को वे इतना बढ़ा देती हैं कि बात ब्रेकअप तक पहुंच जाती है।

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वो कौन थी : लड़कों की नापसंदगी में लड़कियों का शक करना भी शामिल है। उनकी बात-बात पर जासूसी करने से लड़कों को नफरत है। उनका हर बात में पूछना कि कहां गए थे, क्यों गए थे, उस लड़की से क्यों बात कर रहे थे, कौन है वह तुम्हारी जैसे कई सवाल हैं जो लड़कों को परेशान करते हैं।

मेरे लिए तो टाइम ही नहीं है : लड़कों को लड़कियों का पसेसिव नेचर भी नहीं भाता। ब्वॉयफ्रेंड्स का मानना है कि हर रिश्ते की अहमियत होती है और सभी को समय देना भी जरुरी है। किसी एक रिश्ते के लिए हम बाकी को दरकिनार नहीं कर सकते।

हां, हम मानते हैं कि वे हमारे लिए ज्यादा अहम हैं लेकिन हर समय तो उनके साथ नहीं रहा जा सकता न। दोस्तों के लिए भी टाइम निकालना जरुरी है। लड़कियां जब लड़कों की दूसरी व्यस्तताओं पर आबजेक्शन लेती हैं तो लड़के चिढ़ जाते हैं।

आगे से जब बात-बेबात रोना आए, उनसे कोई काम करवाएं, ओवर रिएक्शन की बारी आए,शक की सूई घूमने लग जाए, उनके दोस्त खटकने लग जाए या फिर ऐसा ही कुछ आपके लव रिलेशन के बीच में आए तो सावधान, आपका हमदम आपसे चिढ़ सकता है।

रोमांस टिप्स : पहले प्यार की पहली 'डेट'


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अक्सर युवा अपनी पहली डेट को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं। कई बार तो वे इसके लिए इतने उत्साहित हो जाते हैं कि उन्हें दुनिया जहान की कोई खबर ही नहीं रहती। अपने इसी अतिउत्साही रवैये के कारण वे अपनी पहली डेट के रोमांच को ही खत्म कर देते हैं।

अक्सर युवा अपनी पहली डेट पर जाने-अनजाने कई छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं। जो उनके डेट पार्टनर को बुरी लग जाती हैं और उनकी पहली डेट आखिरी डेट में बदल जाती है। कहते हैं न कि 'फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन'।

हमेशा इस बात का ध्यान रखें, पहली डेट पर आपका इंप्रेशन ऐसा हो जिससे आपका पार्टनर आपकी तारीफ किए बिना न रह पाए। अपनी पहली डेट को आखिरी डेट बनने से बचाने के लिए अपनाएं ये कुछ उपयोगी टिप्स:-

1 पहली डेट के लिए हमेशा चहल-पहल वाले स्थान को ही प्राथमिकता दें। ऐसा करने से आपके पार्टनर के मन में आपकी सकारात्मक छवि बनेगी। और सुरक्षा के नजरिए से भी यह जगह ठीक रहेगी।

2 कभी भी अपनी पहली डेट पर खाली हाथ न जाएं।

3 हमेशा खुद के ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करें। अगर आपके पास व्हीकल नहीं है तो लोकल ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करें। अपने दोस्त, रिश्तेदार से व्हीकल मांगने की गलती न करें।

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4 बातचीत में हमेशा बेलेन्स बनाए रखें।

5 आप जो हैं वही रहें कोई ओर बनने की कोशिश न करें।

6 अगर आपने डेट प्लान की है तो अपने पार्टनर को ऑर्डर करने दें।

7 खाते वक्त टेबल मैनर्स जरुर फॉलो करें।

8 अपने पॉजिटिव पॉइंट ही सामने रखें।

9 कोई भी ऐसी बात करने से बचें जो आपके पार्टनर को असहज फील कराए।
10 बैठते समय, बात करते समय बॉडी लैंग्वेज पर भी जरुर ध्यान दें।

अपनी पहली डेट पर इन बातों का खास ध्यान रखें और अपनी छवि बिगड़ने से बचाएं। सिर्फ पहली डेट पर ही नहीं अपनी हर डेट पर इन बातों का ध्यान रखिए। कहीं ऐसा न हो अगली डेट पर वही पुरानी गलतियां कर अपना इंप्रेशन आप खुद ही खराब कर डालें।

Thursday, November 10, 2011

प्यार महज संयोग नहीं !

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हेलदोस्तो! आपको किसी ने प्यार का एक शब्द कहा और आप उसे मोहब्बत मान बैठते हैं। किसी को अपना मानने के लिए आपका दिइतनआतुर रहता है कि आप यह भी नहीं सोचना चाहते हैं कि वे प्यार के दो बोल महज सामान्य-सी व्यवहार-कुशलता थी या फिर सचमुच उसमें गंभीरता थी। किसीसंयोग को ही सोचा-समझा कदम मान बैठना निहायत ही नादानी हो सकती है और इस भूल की अच्छी-खासी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

यह जानकर आश्चर्य होता है कि भला यह कैसे संभव है कि बगैर किसी से मिले, उसे जाने-बूझे प्यार हो जाए! केवल इसलिए कि उस व्यक्ति ने तीर-तुक्के में आपको कोई संदेश भेज दिया हो। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि युवावस्था में किसी से जुड़ने और उसे अपने मन की बात कहने की इच्छा इतनी तीव्र होती है कि वह बहुत ही मामूली से परिचय को भी गहरी दोस्ती मान बैठता है। किसी को बिना देखे ही उसे अपना दिल दे बैठता है। किस्से-कहानियों में ऐसी बातें बेहद रूमानी लगती हैं पर वास्तविक जीवन में ऐसे अनुभव की कहीं कोई खुशगवार जगह नहीं बनती है। ऐसे परिचय दिल्लगी या दिलजोई के लिए तो ठीक हैं पर इसे आधार बनाकर किसी से इतनी मोहब्बत कर बैठना कि वह जीवन-मरण का प्रश्न बन जाए, सरासर मूर्खता है। और, ऐसी बेवकूफी जीवन को अभिशाप में बदल सकती है।

ऐसी ही नादानी से अपनी जिंदगी तबाह कर रहे हैं अतुल (बदला हुआ नाम)। अतुल प्रतियोगिता की परीक्षा के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसी बीच एक बार उनके फोन पर किसी लड़की का अपनापन भरा हाल-चाल पूछने वाला संदेश आया। अतुल ने भी उसका जवाब दे दिया। फिर संदेशों का सिलसिला चल पड़ा। अतुल संदेश के हर शब्द को अपने दिल व जान से लगा बैठे। उनकी बातचीत भी उस अनदेखी लड़की से होने लगी। उस लड़की के संदेश व फोन पर बातचीत अतुल की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए। यूं कहें कि उसके जीने का सहारा। लेकिन एक दिन अचानक उस लड़की ने संदेश भेजा कि वह यह सब बंद करना चाहती है। अब वह न संदेश भेजेगी और न फोन करेगी।

अतुल ने हजार मिन्नतें कीं पर वह नहीं पिघली। अब अतुल तिल-तिल कर मर रहा है। वह अपना ध्यान पढ़ाई पर बिल्कुल भी नहीं लगा पा रहा है। उसे लगता है अब जीवन बेकार है। न उसे खाने की सुध, न करियर की परवाह। वह उस अनदेखी लड़की को, जिसे वह अपनी प्रेमिका मानता है, कहां खोजे। वह फोन जो अब खामोश है, उसमें कैसे आवाज डाले। उसे लगता है अब उसका कोई भविष्य ही नहीं रहा इसलिए इस जीवन को समाप्त कर देना चाहिए। पहली नजर में कोई भी आपकी इस पूरी कहानी को जानकर हंस पड़ेगा पर इस सच्चाई से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आप वास्तव में अवसाद की स्थिति में लग रहे हैं।

कोई चाहे जितना भी इस पूरे प्रकरण पर हैरान हो पर यह भी उतना ही बड़ा सच है कि आप बेहद तकलीफ व पीड़ा में हैं। आपकी पूरी खुशी का दारोमदार एक अनदेखे मनुष्य के संवाद पर आकर टिक गया है। यदि आप इस बात को समझ लें कि ऐसा क्यों हुआ तो आप इस पीड़ा और भ्रमजाल से निकल जाएंगे। एक बात तो साफ है कि आप बेहद तनहा हैं, जब कोई बेइंतहा अकेला होता है तो तिनके का एक सहारा भी उसे पूरी नाव जान पड़ती है।

आप भी उस अनदेखे इंसान में अपने जीवन की साथी को न केवल तलाशने लगे बल्कि उसे अपना जीवनसाथी ही मान बैठे। केवल फोन पर बने संवाद से ही इतना बड़ा निर्णय कोई तभी ले सकता है जब उसमें वास्तव में आमने-सामने संवाद बनाने, अपनी बात रखने का आत्मविश्वास न हो। इसलिए आपको लगा कि बिना अप्रिय या असहज स्थिति में पड़े अपने आप ही आम पेड़ से टपक पड़ा है तो इसे ही लपक लो।

किसी का सामना करना, उससे संवाद बनाना, फिर उसके सामने प्रेम प्रस्ताव रखने की जहमत उठाने से बेहतर है इस अनदेखी लड़की के समक्ष ही बेखौफ, जांबाज प्रेमी बन जाओ। पर अतुल जी, जीवन में चाहे सेहत हो या करिअर, भावनात्मक सुकून, धन, उपलब्धि या फिर ग्लैमर और यश, इन्हें सचमुच पाने के लिए उसका सामना करना ही पड़ता है। उसके लिए जोखिम व कष्ट उठाना ही पड़ता है।

आपकी दोस्ती जैसी थी उसके सफल होने की संभावना मात्र एक प्रतिशत थी जबकि आप किसी से मिलकर दोस्ती करते और उसे आगे बढ़ाते तो वहां संभावना नब्बे प्रतिशत तक मुमकिन थी। यह सारा मातम छोड़कर अपने आपको बहुर्मुखी बनाएं। यानी थोड़ा खुलें और दोस्तों के बीच मेल-जोल बढ़ाएं। पुरुष दोस्तों के बीच भी संवाद बनाना, हंसी-मजाक करना आपके लिए फायदेमंद होगा। दोस्ती करने का गुर आप भी सीख जाएंगे तो महिला दोस्त भी आपको मिल जाएगी और शायद उन्हीं में प्रेमिका भी, पर एक खास दृष्टि से दोस्ती करना ठीक नहीं है। करिअर और सेहत पर ध्यान दें। सब अच्छा होगा।