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Sunday, December 11, 2011

शादी के बाद : प्यार में होती है खुशियां हजार




Love In Hindi
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वैवाहिक जीवन में बहुत सारी सामाजिकता और बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं। इसमें हर पल रस का सृजन करते रहना पड़ता है। यदि इस जीवन से रस विलुप्त हुआ तो जीवन बहुत कठिन होता चला जाएगा और जीवन के हर दौर में प्रेम ही रस का सृजन करता है तो जाहिर है वैवाहिक जीवन की कठिन सामाजिकता के निर्वहन में प्रेम ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। 

यहां प्रेम एक ऐसे सेतु का कार्य करता है, जिसके कारण पति-पत्नी ताउम्र स्वेच्छा से एक-दूसरे का साथ निभाते ही हैं साथ ही कर्तव्यों का निर्वहन भी खुशी-खुशी तन्मयता से करते हैं। प्यार के बिना सुखी परिवार की कामना व्यर्थ है। 

दौलत चाहे कितनी कमा लें, किंतु दांपत्य जीवन में यदि प्यार का अभाव है तो खुशियों का कमल कभी खिल ही नहीं सकता है, क्योंकि दौलत से केवल सुविधाएं खरीदी जा सकती हैं, मगर सुख नहीं। वाह-वाही बटोरी जा सकती है पर खुशियां नहीं, जहां सुख का आधार संतोष है, वहीं खुशियों की आधारशिला प्रेम है। 
Love In Hindi
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प्रेम की महत्ता आज ही नहीं अतीत में भी अपने विभिन्न तथा विराट रूप में हमेशा विद्यमान रही है, स्वस्थ और सुखी परिवार की व्याख्या की जाए तो उसकी ढेरों शाखाओं में दांपत्य जीवन के प्यार का स्थान ही प्रथम होगा। 

यह सर्वमान्य सत्य है कि दांपत्य प्रेम सदा-सर्वदा से स्वयं के अतिरिक्त परिवार और समाज में स्वच्छ और तनावरहित वातावरण निर्मित कर उसे सुदृढ़ता प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है दांपत्य जीवन के प्यार में होती है खुशियां हजार। बस इन खुशियों के लिए करना पड़ेगा अपनी आदतों, व्यवहार और सोच में थोड़ा-सा बदलाव

जरूरत न हो फिर भी एक-दूसरे का काम यदि शेयर कर सकते हैं तो करें।

इस भावना को हमेशा जीवंत रखें कि खुशी हो या गम बराबर में हिस्सेदारी निभाएंगे हम।

ब्यूटी पार्लर से प्राप्त कृत्रिम सौंदर्य दांपत्य प्रेम के लिए आवश्यक है अथवा नहीं, यह व्यक्तिगत रुचि पर निर्भर करता है, लेकिन मितव्ययता प्रेम को प्रगाढ़ बनाने में हमेशा कारगर सिद्ध होती है। 

विश्वासघात का एक ओला काफी है प्रेम की लहलहाती फसल चौपट करने के लिए, विश्वासघात दांपत्य प्रेम का सबसे बड़ा शत्रु है, इससे बचें।

विचार अलग-अलग हो सकते हैं, इन्हें मतभेद की तरह लें, विवाद न बनने दें। 
प्यार में होती है खुशियां हजार
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एक-दूसरे की अहमियत स्वीकारने में कंजूसी न बरतें, इससे अहम कम होता है और प्यार का पौधा लहलहाता है। 

ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे साथी की भावनाएं आहत हों।

पसंदीदा औऱ उपयोगी वस्तुएं तोहफे में दें, प्यार बढ़ेगा। 

अपनी जिद पर नियंत्रण रखें। इससे रिश्तों को तनाव से बचा पाएंगे। 

रंग-रूप को लेकर छींटाकशी न करें और न ही स्वयं से या किसी और से तुलना करें, न ही तानों की तलवार चलाएं।

जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारें। दिखावे और आडंबरों से दूर रहें। 

सुविधा और सामर्थ्य के अनुरूप ही वीकेंड पर घूमने जाने या संगी-साथियों से मिलने का प्लान बनाएं। 

भावनात्कम जुड़ाव जिंदगीभर दांपत्य प्रेम को जीवंत रखता है, अत: एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए कभी भी अशोभनीय प्रयोग या व्यवहार का प्रदर्शन न करें। 

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