में किसी को बहुत
चाहता हूँ,वोह भी मुझे बहुत
चाह्ती है,में उसके साथ बहुत खुश हूँ और मुझे पूरा विश्वास है की हम दोनो अपने प्यार के बल पर अपने माता-पिता का दिल जीत लेंगे,दरअसल हम दोनो के धर्म अलग हैं,पर में मानती हूँ की जब हम किसी को चाहते हैं,हम उसे एक अचछे व्यक्ति की तरह पसंद करते हैं,ना की वो किस धर्म को मानता हो,मेरा कहना है,भगवान सब के लिए एक हैं, फर्क सिर्फ़ इतना है कि लोग भगवान को अलग अलग नजरिये से देखते हैं, और तो कुछ अंतर नही ना?..आपको क्या लगता है?
2 comments:
hey its very nice
thaks
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