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Thursday, November 10, 2011

प्यार में इकरार और इजहार दोनों जरूरी


Dating Tips in Hindi
ND
उम्र जैसे ही बचपन का चोला छोड़कर जवानी की दहलीज पर कदम रखती है, दुनिया की हर चीज बदलकर खूबसूरत नजर आने लगती है।

जवानी में दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल जाता है। इस उम्र में वैसे भी बड़ी से बड़ी सच्चाइयां नजर नहीं आती हैं और रही-सही कसर यह मोहब्बत शब्द पूरी कर देता है।

आखिर यह मोहब्बत है क्या चीज? जिसे करना तो सभी चाहते हैं, लेकिन जानता कोई भी नहीं है। यदि मोहब्बत इतनी रहस्यमय न होती तो क्या मिर्जा गालिब 'इस इश्क के कायदे भी अजब हैं गालिब, करो तो बेहाल हैं, न करो तो बेहाल' जैसा शेर लिखते?

आपने कभी गौर किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों को लेकर कितने विवाद रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तो एक भावना है, जिसका एहसास धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन कुछ तो बिलकुल यकीन के साथ कहते हैं, यह तो पहली नजर का प्यार है जो बस एक बार देखते ही हो जाता है। यह एक तीर है जो दिल के पार हो जाता है।

Dating Tips in Hindi
ND
यह मोहब्बत का तीर है, जिगर के पार हो जाता है पता भी नहीं चलता, न जाने कब प्यार हो जाता है इस बारे में एक बात तो तय है कि दुनिया चाहे कुछ भी बोलती रहे, प्यार करने वाले इस बेकार के विवाद में नहीं फंसते कि प्यार और पहली नजर में कोई रिश्ता होता है या नहीं?

प्रेमी युगल तो प्यार में डूबते हैं और उन अनमोल क्षणों को बांधकर, सहेजकर रखने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं। और फिर बताइए इसमें गलत भी क्या है? प्यार तो ईश्वर का प्रसाद ही है, बशर्ते आप उसे गलत जगह, गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।

Dating Tips in Hindi
ND
क्या आप जानते हैं प्यार में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चीज क्या है? नहीं न। प्यार में सबसे महत्वपूर्ण है टाइमिंग्स। यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यही सच है।

सोचिए यदि आपको किसी से प्यार हो जाए और आप वक्त पर इसका इजहार ही न कर पाएं तो इसका फायदा ही क्या, इसलिए जैसे ही आपके दिल में कुछ-कुछ होने लगे, कोई आंखों के रास्ते दिल में उतरने लगे, तब सही मौका देखकर उसे बता ही दीजिए मुझे मोहब्बत सी हो गई है।

और हां, याद रखिए प्यार में हमेशा उठें, गिरें नहीं।

प्यार में इकरार और इजहार दोनों जरूरी


Dating Tips in Hindi
ND
उम्र जैसे ही बचपन का चोला छोड़कर जवानी की दहलीज पर कदम रखती है, दुनिया की हर चीज बदलकर खूबसूरत नजर आने लगती है।

जवानी में दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल जाता है। इस उम्र में वैसे भी बड़ी से बड़ी सच्चाइयां नजर नहीं आती हैं और रही-सही कसर यह मोहब्बत शब्द पूरी कर देता है।

आखिर यह मोहब्बत है क्या चीज? जिसे करना तो सभी चाहते हैं, लेकिन जानता कोई भी नहीं है। यदि मोहब्बत इतनी रहस्यमय न होती तो क्या मिर्जा गालिब 'इस इश्क के कायदे भी अजब हैं गालिब, करो तो बेहाल हैं, न करो तो बेहाल' जैसा शेर लिखते?

आपने कभी गौर किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों को लेकर कितने विवाद रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तो एक भावना है, जिसका एहसास धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन कुछ तो बिलकुल यकीन के साथ कहते हैं, यह तो पहली नजर का प्यार है जो बस एक बार देखते ही हो जाता है। यह एक तीर है जो दिल के पार हो जाता है।

Dating Tips in Hindi
ND
यह मोहब्बत का तीर है, जिगर के पार हो जाता है पता भी नहीं चलता, न जाने कब प्यार हो जाता है इस बारे में एक बात तो तय है कि दुनिया चाहे कुछ भी बोलती रहे, प्यार करने वाले इस बेकार के विवाद में नहीं फंसते कि प्यार और पहली नजर में कोई रिश्ता होता है या नहीं?

प्रेमी युगल तो प्यार में डूबते हैं और उन अनमोल क्षणों को बांधकर, सहेजकर रखने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं। और फिर बताइए इसमें गलत भी क्या है? प्यार तो ईश्वर का प्रसाद ही है, बशर्ते आप उसे गलत जगह, गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।

Dating Tips in Hindi
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क्या आप जानते हैं प्यार में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चीज क्या है? नहीं न। प्यार में सबसे महत्वपूर्ण है टाइमिंग्स। यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यही सच है।

सोचिए यदि आपको किसी से प्यार हो जाए और आप वक्त पर इसका इजहार ही न कर पाएं तो इसका फायदा ही क्या, इसलिए जैसे ही आपके दिल में कुछ-कुछ होने लगे, कोई आंखों के रास्ते दिल में उतरने लगे, तब सही मौका देखकर उसे बता ही दीजिए मुझे मोहब्बत सी हो गई है।

और हां, याद रखिए प्यार में हमेशा उठें, गिरें नहीं।

रूल्स फॉर सेक्स एंड लव

Sex Rules in Hindi
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दिन के समय कभी भी सेक्स न करें।

सेक्स हमेशा रात में ही करना चाहिए वह भी सिर्फ एक बार। हो सके तो इसमें भी 'गैप' दें।

सूर्योदय के कुछ समय पूर्व से लेकर सूर्योदय के बाद यानी ब्रह्य मुहूर्त में किया गया सेक्स हेल्थ की दृष्टि से हानिकारक है।

जो लोग शाम सात बजे तक भोजन कर लेते हैं, उनको छोड़कर शेष लोगों को जो कि भोजन रात्रि 10-11 बजे तक करते हैं, सेक्स आधी रात के बाद करना हितकारी है।

सोने के ठीक पहले दूध न पिएँ, यदि दूध लेना ही है तो सोने के एक घंटा पूर्व लें।

कई व्यक्ति सेक्स को इस हद तक जरूरी मानते हैं कि भले ही उनका पार्टनर ठंडा पड़ा हो या वह अन्य किसी कठिन परिस्थिति से गुजर रहा हो, वे सेक्स करते ही हैं।

यदि हसबेंड-वाइफ में से कोई भी क्रोध, चिंता, दुःख, अविश्वास आदि किसी भी मानसिक समस्या से गुजर रहा हो, तो सेक्स करना उचित नहीं है।

यानी सहवास उसी समय परम आनंददायक होता है, जब पति-पत्नी दोनों पूर्ण प्रसन्नचित्त हों।

कई व्यक्ति सेक्स को महज एक औपचारिकता के तौर पर लेते हैं और इस कार्य को केवल वीर्य स्खलन मानते हुए जल्द खत्म कर देते हैं।

दरअसल सहवास में जल्दबाजी न तो पुरुष को ही आनंद देने वाली होती है और न ही स्त्री की संतुष्टि।

लिहाजा सेक्स के पहले रोमांटि‍क बातों से पार्टनर के सेक्स को पूर्ण जागृत करें, तभी सेक्स का सच्चा आनंद आप पा सकते हैं और पार्टनर को पूरी तरह सेटि‍स्‍फाय कर सकते हैं।

Wednesday, October 26, 2011

टूटे दिल का जुड़ना आसान नहीं...


ND
हेलो दोस्तो! जब एक मनुष्य वयस्क होता है उसे हर मुकाम पर किसी न किसी रूप में एक प्रकार की क्रूरता का सामना करना पड़ता है। चाहे वह क्रूरता प्रत्यक्ष हो या फिर अप्रत्यक्ष। यूं तो बचपन में भी आप इस अहसास से दो-चार होते हैं पर तब मां-बाप का विशुद्ध प्यार और सुरक्षा की ढाल के कारण उसे आप दिल से ज्यादा नहीं लगाते हैं। लेकिन ज्यूं-ज्यूं आपकी दुनिया व्यापक होती जाती है वैसे-वैसे ही समाज के अनेक बेरहम अहसास का अनुभव भी बढ़ता जाता है।

हर पल एक प्रकार का समझौता या फिर दुख को अनदेखा करने की व्यावहारिकता अपनाकर भी आप थक जाते हैं। तब आपका दिल एक ऐसा ठिकाना ढूंढ़ना चाहता है जहां कोईक्रूरता न हो। जहां आपके लिए बस मासूमियत से भरी ठंडी छांव हो और उस छांव में आपको ऐसा सुकून मिले जिसमें कभी कोई खलल न डाले। आंखें मूंदकर आप अपने उस देवता पर विश्वास करें जिसने इस बेरहम दुनिया में आपको यकीन व भरोसे का पाठ पढ़ाया हो।

आप भरोसे के उस सबक को याद करके निश्चिंत होकर उसे इस दुनिया से अलग मान लेते हैं। आपको लगता है, यह संसार चाहे जितना भी धोखेबाज, अनैतिक, चालबाज, जालिम क्यों न हो गया हो पर अब भी यहां कोई एक है जो जीने का मकसद बन सकता है। ऐसा कोई है जो जिंदगी, समाज और दुनिया के प्रति आस्था जगाता है। 

जिंदगी के हजार गम और जुल्म को भुलाने का वह असली मसीहा है। एक ऐसा शख्स जो जीवन के अनेक थपेड़ों से उभरे जख्मों पर अपने विश्वास के फाहे से मरहम लगाता है। ऐसे मनुष्य को अपने जीवन में पाकर आप संसार व समाज की तमाम कू्ररता भूल जाते हैं। उसके बाद कोई आपके जीवन में चाहे जितनी भी कू्ररता की पटकथा लिखे उस व्यक्ति को याद करते ही एक निर्मल धारा उस पटकथा को मिटा डालती है। आपके जीवन से दुख की लिखावट को ऐसे वह धो डालती है जैसे वहां जख्मों का कोई निशान ही न हो। 

इतनी आस्था, इतना विश्वास, इतने भरोसे के बाद एक दिन आपका सामना उस शैतान या हैवान से होता है जिसे आपने फरिश्ता समझा था तो आपकी क्या हालत होगी इसका अनुमान लगाना उतना आसान नहीं होगा। आपके दिल पर क्या गुजरेगी शायद इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होगा। बिखरी हुई मासूम व नाजुक भावना को कभी भी समेट पाना संभव हो पाएगा या नहीं, यह कहना कठिन होगा। ऐसे ही एक भयावह अनुभव से गुजर रही हैं साधना (बदला हुआ नाम)। 

साधना पवन (बदला हुआ नाम) से पूरे एक वर्ष से प्रेम कर रही थीं। वह पवन पर बहुत ही गंभीरता से भरोसा करती थी। अपनी हर छोटी-बड़ी समस्या उससे बांटती थी और वह उसका ऐसा दोस्त था जो उसका सबसे बड़ा राजदार था। वह अपनी इस दोस्ती व प्यार को बहुत गहराई से महसूस करके इसे परिपक्व करना चाहती थी। इस प्यार व दोस्ती से वह शारीरिक संबंध को दूर ही रखना चाहती थी। और, जाहिर तौर पर उसका दोस्त पवन भी उसकी समझ और बातों से सहमत था पर एक दिन पवन ने उसके साथ ऐसी हैवानियत दिखाई जिसका उसे सपने में भी गुमां नहीं था। 

अपने विश्वास का मजाक उड़ाने वाले अपने प्रेमी की अब वह कभी शक्ल भी नहीं देखना चाहती है। उसे उस व्यक्ति के नाम से भी नफरत हो चुकी है। उधर पवन साधना से शादी करना चाहता है और इनकार की हालत में जान देने को उतारू है। साधना को लगता है, मरने की धमकी देना उसके साथ एक और ज्यादती है। वह क्या करे?

साधना जी, आपको लगता है जिस शख्स ने आपके लिए रत्ती भर इंसानियत नहीं दिखाई उस इनसान को आप कैसे बर्दाश्त कर पाएंगी। आप एकदम ठीक सोचती हैं। इस वक्त आपके मन में अपने दोस्त के लिए कोई भी कोमल अहसास टटोल कर ढूंढ़ निकालना संभव नहीं है। और, उस अहसास के बिना तो उस व्यक्ति का कोई स्थान आपके जीवन में हो भी नहीं सकता है। इस पूरी घटना को किसी अन्य दृष्टिकोण से विश्लेषण करना भी आपके साथ अन्याय करना है। 

इस वक्त तो इस पूरी घटना का एक ही नजरिया हो सकता है जो आपका है, क्योंकि दिल आपका टूटा है। समय बीतने देना चाहिए। फिर ठंडे दिल से किसी निर्णय पर पहुंचें तो बेहतर होगा। 

अपने दोस्त को कहलवा दें कि खुदकुशी का दबाव बनाकर वह अपनी स्थिति आपकी नजर में और भी बदतर कर रहा है। पहले आप, अपने-आपको सामान्य करें। थोड़ा वक्त गुजर जाए तब आप उस स्थिति का कई दृष्टिकोण से विश्लेषण कर पाएंगी। हो सकता है, तब आपको उस पूरी घटना का कोई और भी मायने नजर आए। 

चाहे जो भी आपका फैसला हो वह इस सदमे से निकलने के बाद ही हो सकता है। इस बीच आपके दोस्त का क्या रवैया रहता है वह भी आपके निर्णय पर अपना प्रभाव डालेगा। पर, अपने आपको ज्यादा घुटन या कष्ट में नहीं रखने के लिए कहीं और घूम कर आएं। नई व्यस्तता बनाएं। जो काम पसंद हो, वह करें। किसी को माफ करने से नया जीवन जीना आसान हो जाता है।

Thursday, September 29, 2011

क्या एक लड़का और लड़की केवल दोस्त हो सकते हैं?


boy and girl

भारत जैसे परंपरावादी समाज के संदर्भ में किसी ना किसी रूप में यह सवाल हमारे सामने आ ही जाता है कि क्या एक लड़का और लड़की केवल दोस्त हो सकते हैं? विशेषकर आज के आधुनिक युग में इस सवाल के बार-बार उठने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि महिला और पुरुष के बीच तथाकथित दोस्ती से जुड़े ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं जो यह प्रदर्शित करते हैं कि हमारे युवा दोस्ती की आड़ में सिर्फ अपनी स्वार्थ सिद्धि को ही महत्व देते हैं. नियमों में आबद्ध भारतीय समाज किसी भी लड़के और लड़की में मेल-जोल बर्दाश्त नहीं करता जब तक कि उनके बीच के संबंध को सामाजिक और पारिवारिक मान्यता ना मिल चुकी हो. ऐसे हालातों में वह कैसे उनके बीच दोस्ती के रिश्ते पर अपनी स्वीकृति दे सकता है.


हमारी फिल्मों में ऐसा ही दर्शाया जाता है कि खुद को एक-दूसरे का अच्छा दोस्त और शुभचिंतक मानने वाले लोगों में भी एक पड़ाव पर आकर पारस्परिक आकर्षण का विकास होने लगता है. कभी-कभार यह आकर्षण थोड़े समय के लिए तो कभी साथ रहते-रहते प्यार में तब्दील हो जाता है. ऐसी परिस्थितियां केवल फिल्मों में ही नहीं हकीकत में भी देखी जा सकती हैं. स्थिति चिंतनीय तब बन जाती है जब वे तथाकथित दोस्त खुद को एक-दूसरे के प्रति शारीरिक आकर्षण महसूस करने लगते हैं जिसके परिणामस्वरूप वह अपने संबंध की सारी सीमाएं लांघ जाते हैं. और अगर परिस्थितिवश वह अपने संबंधों को सही मुकाम तक नहीं पहुंचा पाते तो वे दोस्ती को ही सुरक्षित विकल्प मान कर चलते हैं. कितनी महिलाएं ऐसी हैं जो अपने ही दोस्तों की हैवानियत का शिकार हो जाती हैं. वे दोस्त जिन पर वे अत्याधिक विश्वास करती हैं, वो ही उनके आत्म-सम्मान को चकनाचूर कर देते हैं.


यही कारण है कि इनके संबंध को सामाजिक मान्यता मिलना तो दूर की बात है जब कोई सुनता भी है कि कोई लड़का और लड़की सिर्फ दोस्त हैं तो उनका मजाक बनाया जाता है. ऐसा नहीं है कि सभी दोस्त ऐसे ही होते हैं या कभी कोई लड़का और लड़की दोस्त हो ही नहीं सकते. लेकिन वर्तमान परिदृश्य ही ऐसा बन पड़ा है कि किसी युवक और युवती की दोस्ती को समझना काफी मुश्किल हो गया है.


हमारे रुढ़िवादी समाज की तो बात ही छोड़िए अगर लोगों के पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में झांक कर देखा जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि आजकल की युवा पीढ़ी जो खुद को मॉडर्न औरब्रॉड माइंडेड समझती है, वह भी अपने प्रेमी या जीवन साथी के विपरीत सेक्स के लोगों के साथ दोस्ती सहन नहीं कर सकती. इस दोस्ती की वजह से पति-पत्नी के रिश्ते एक फिल्मी कहानी की तरह उलझ जाते हैं. अंतर बस इतना रह जाता है कि फिल्मी कहानी पहले से ही निर्धारित होती है और असल जिंदगी की घटनाएं और हालात पूरी तरह अप्रत्याशित होते हैं. पति-पत्नी के बीच दोस्ती को लेकर उठती समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है कि अकसर लोग प्यार और दोस्ती में अंतर नहीं कर पाते. जिसकी वजह से वैवाहिक संबंध टूटने के कगार तक पहुंच जाते हैं. आधुनिकता की बयार के तहत जैसे-जैसे समाज में खुलापन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ही हम एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और उन्हें आंकने में अक्षम होते जा रहे हैं. दोस्ती और प्यार दो अलग-अलग बातें हैं. हालांकि दोनों ही व्यक्ति के जीवन में बहुत ज्यादा महत्व रखते हैं लेकिन विवाह के बाद लोगों की प्राथमिकताएं और उनकी संबंधों के प्रति दृष्टिकोण बहुत हद तक परिवर्तित हो जाते हैं. अगर आपका बेस्ट फ्रेंड आपके जीवन में बहुत ज्यादा महत्व रखता है तो संभवत: आपके जीवनसाथी को इस बात से परेशानी होगी.

इसीलिए अपने वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम प्यार और दोस्ती में अंतर करना सीखें. जरूरी नहीं है कि जिसके साथ आप खुद को सहज महसूस करते हैं या जिनके साथ समय बिताना आपको अच्छा लगता है उनसे प्यार भी हो जाए. हो सकता इसके पीछे आप दोनों की परिपक्व आपसी समझ हो, जिसकी वजह से आप एक-दूसरे को अच्छे से समझते हों. अपने जीवन को जटिल या सुलझा हुआ बनाना पूर्णत: आपके ही ऊपर निर्भर है. अगर आप चाहते हैं कि आपका वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहे तो अपनी प्रमुखताओं और संबंधों को सीमित करना और उनके बीच अंतर करना सीखें.

Wednesday, September 21, 2011

लड़की पटाने के तरीके..............

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स्कूलाइगुजरनबाबाकुयुवछात्रोचाहहोतबढ़ियजॉ/करियअनुसातैयारकरनकीकुहोतहैजिनकसबसपहलतीव्ख्‍वाहिहोतअदलड़ककीजिसबाइबिठाकघुमसकें, फिल्मेदेखनसकें, घंटोफोर ‍बतियसकेदोस्तोबीशासकेि आखिहमारखातखुचुकहैऐसदोस्तोलिकुसुझाहैं
* इंट्रोडक्शन : पहले तो जाकर इंट्रोडक्शन की औपचारिकता पूरी करें। केवअपनबारर्मेबताएंपिताजअन्परिजनोआदि उपलब्धि बखाआगबढ़कर न करें
* स्टेप बाई स्टेप ही आपको प्रोसेस पूरी करनी होगी। कभी भी जल्दबाजी न दिखाएं
* कोई भी लड़की आपको पसंद आती है तो उसमें रूचि जरूर लें लेकिन हाथ धोकर पीछे पड़ जाने वाला काम न करें। इससे आपकी छबि अच्छी नहीं बनेगी और लड़की भी आपको फिर 'यूज' करने की ही कोशिश कर सकती है।
* ऐसा कोई काम न करें कि उसे लगे कि आप उसे प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं। सहज रहें। जान-पहचान के बाद भी कभी चाय-कॉफी के लिए सीधे प्रपोज न करें। हां यदि क्लास आदि के बाद कभी समय है या बंक मारी है तो ऑफर कर सकते हैं।
* धीरे-धीरे अपने बारे में उसकी राय का पता लगाएं। मतलब वह आपको किस रूप में देखती है। या उसका झुकाव आपकी तरफ है भी या नहीं।
* कभी भी उससे अकेले में मिलने की जल्दबाजी न दिखाएं।
* मौके बेमौके बर्थडे आदि अवसर पर गिफ्‍ट देना न भूलें। शायद ही ऐसी कोई लड़की होगी जिसे चाकलेट या फूलों से लगाव नहीं होगा। कभी-कभी सभी दोस्तों के लिए तो कभी सिर्फ उन्हीं के लिए लेकर जाएं।
* वह लड़की किसी अन्य लड़के से बात करे भी तो सामान्य रूप से लें। उग्र भाव प्रकट न होने दें।
* फिल्मी स्टाइल की हूबहू कॉपी न करें क्योंकि रील लाइफ और रियल लाइफ में जमीन आसमान का अंतर होता है। पिक्चर में हीरो को पूरी स्क्रिप्ट पता होती है। सब कुछ तय लाइन पर चलना होता है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता।

* एक चीज सुनने में आती है कि यदि लड़की को सेट करना हो तो उसकी सहेली को पूरे दिलो जान से लाइन मारो। थोड़ा सा ये फंडा अपने अनुभव और परिस्थिति के हिसाब से सेट कर लें। हो सकता है आपके साथ काम कर जाए।
* मजनू्ओं की तरह हरकतें न करें गलत इम्प्रेशन पड़ेगा।
* संभव हो तो अपनी बहन से उसकी दोस्ती करा दें। ताकि आपको उनसे और टच में रहने का मौका मिलेगा।
* प्यार की डाली पर खिलने वाले फूलों के साथ कांटे भी होते हैं निश्चित रूप से यह भी आपके ही खाते में आएंगे। जैसे मोहतरमा को चाहने वाले आप अकेले ही नहीं होंगे आपके अन्य साथी वगैरह भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना होगा और साम, दाम, दंड भेद नीति से उन्हें परास्त कर अपनी पताका फहरानी होगी।
* कभी भी बड़ी-बड़ी डींगे नहीं हांके। अपने आपको बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करें। आजकल जमाना सिम्पलिसिटी का है। यदि आप किसी क्षेत्र के माहिर खिलाड़ी हैं भी तो उसे सामान्य ढंग से ही बताएं।
* कभी-कभी किसी मसले समस्या, परेशानी आदि पर अपने विचारों का आदान-प्रदान करें। यह चीज काफी मायने रखती है। आप दोनों एक-दूसरे के विचारों को तो जानते ही हैं और भावनात्मक रूप से परस्पर करीब भी आते हैं।
दोस्तों से कभी चर्चा करें भी तो विश्वसनीय लोगों से। मतलब जो बात का बतंगड़ न बनाएं। नहीं तो लोग बात का मतलब कुछ और निकालकर बखेड़ा खड़ा करने वालों की कमी नहीं है।
सबसे जरूरी चीज कभी बाय चांस इसमें असफल हो भी जाएं तो नशीली चीजों का सेवन, स्वयं को या लड़की को हानि पहुंचाने जैसा कई कदम न उठाएं। इससे तो 'तू नहीं तो और सही और नहीं तो और सही' का फामूला सर्वथा बेहतर है।
तो इस परीक्षा पर खरा उतरने के लिए जुट जाएं तैयारी में। विश यू गड लक।

मौन भाषा प्यार की.....

Romance tips in hindi
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प्यार को शब्दों की जंजीर में नहीं बांधा जा सकता। यह तो वह पंछी है, जो चंचल मन-सा पल में जमीं और पल में आसमां चूमने लगता है। सच तो यह है कि प्यार एक एहसास है, इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। इसे देखा जा सकता है, आंखों से आंखों में। प्यार की भाषा मौन होती है।

पेड़ के ऊपर की फुनगी पर एक चिड़िया बैठी थी। तभी कहीं दूर से एक दूसरी चिड़िया आई और पेड़ की एक शाख पर बैठ गई। फुनगी पर बैठी चिड़िया झट से फुदककर नीचे वाली चिड़िया के पास आई। दोनों ने पास-पास सरककर, चोंच से चोंच मिलाकर जाने क्या बात की और अगले ही पल दोनों साथ-साथ दूर उड़ चलीं।

दो अपरिचित, अनजान पंछी मौन की जिस भाषा में बात कर हमराही बने, वह थी प्यार की भाषा। प्यार की अबोली बोली के जादू ने दो दिलों के बीच की दूरी को खत्म कर दिया।

यह प्यार क्या है जो दुनिया के तमाम रिश्तों को नाजुक बंधन में बांधे रखता है?

दरअसल प्यार कुदरत का अनमोल तोहफा है। यह ऐसी दौलत है जो हर किसी के पास अथाह होने के बाद भी हर कोई अतृप्त रहता है, प्यार तलाशता रहता है। जीव-जगत के छोटे-बड़े सभी प्राणियों के पास प्यार का अथाह सागर है। फिर भी हर कोई हर किसी से प्यार पाना चाहता है। पोता, दादा से प्यार चाहता है, भाई, बहन से प्यार चाहता है, पड़ोसी पड़ोसी से प्यार चाहता है, छात्र शिक्षक से प्यार चाहता है, जानवर अपने मालिक से प्यार चाहता है यानी हम अपने से संबंधित हर जीव से प्यार की आस रखते हैं।

प्यार देने वाला प्यार के बदले भी प्यार ही चाहता है। प्यार का रिश्ता इस हाथ ले, उस हाथ दे वाला होता है। यदि प्यार एकतरफा हो तो वह रिश्तों को अटूट बंधन में नहीं बांध सकता।

प्यार यादगार होता है। क्षणिक किया हुआ प्यार भी जिंदगी भर की अमानत बन जाता है। और यदि सालों साल किया गया हो तो फिर बात ही क्या! प्यार दिल की गहराइयों से किया जाता है। इसलिए इसे भुला पाना संभव नहीं होता।

Romance tips in hindi
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प्यार लेना और देना दोनों ही बहुत आसान भी है और बहुत मुश्किल भी। किसी को प्यार देने में कुछ खर्च नहीं होता। बस जरूरत होती है इच्छा की, भावनाओं की, लगाव की। यदि आपकी चाहत है तो चाहे जितना बांटो, लुटाओ यह दौलत खत्म न होगी।

प्यार दीवानगी है। जब प्यार का नशा चढ़ता है तो फिर कोई दूसरी बात नहीं सूझती। इस दीवानगी के कारण ही लोग प्यार में दिलोजान तक देने को तैयार रहते हैं।

प्यार कब, कहां, कैसे, किससे हो जाए, कहा नहीं जा सकता। यह भी कहा जाता है कि 'प्यार किया नहीं जाता, हो जाता है।' जरूरी नहीं कि प्यार सुंदर व्यक्ति या वस्तु से हो। बस, मन में प्यार की घंटी बजनी चाहिए फिर तो 'दिल लगा मेंढकी से, तो वह भी परी लगती है।'

प्यार भले ही तौलकर न किया जाए, फिर भी अंतरतम से प्यार किसी एक को ही सबसे अधिक किया जाता है। उस एक को प्यार देने के चक्कर में दूसरों पर प्यार कम भी हो जाता है। प्यार अनंत होने के बावजूद हम एक ही सबसे प्यारे पर प्यार लुटाना चाहते हैं। कहा गया है, 'प्रेम गली अति सांकरी, जा में दो ना समाहिं।'

प्यार में इतनी शक्ति होती है कि वह दो दिलों को एकाकार कर देता है। दोनों एक-दूसरे के प्यार में इतने खो जाते हैं कि उन्हें खुद का भी भान नहीं होता। 'जब वो है तब मैं नहीं, जब मैं हूं तब वो नहीं।'

मैं तुमसे प्यार करता हूं .

Romance tips in hindi
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प्यार की कब, किसे, कैसे हो जाए- यह कहा नहीं जा सकता है। प्रेम करने वाले रूमानी दुनिया में पहुंच जाते हैं। काल्पनिकता के घोड़ों पर सवार होकर मानो दूसरी दुनिया की सैर करने लगते हैं। उनका इस दुनिया से नाता टूट-सा जाता है। वे स्वयं से बातें करने लगते हैं... अपने अंदर जादू-सा परिवर्तन महसूस करते हैं। यहां प्यार हो जाने के कुछ और लक्षण बताए जा रहे हैं। यदि इनमें से कुछ लक्षण आप में भी हैं... तो समझें आपको भी प्यार हो गया।

* उसकी बेतुकी या बच्चों जैसी हरकतें भी आपको अच्छी लगने लगे।

* आपमें दयालु और उदार के भाव आ जाएं। दूसरों की मदद करना आपको अच्छा लगने लगे।

* रोमांटिक गाने सुनकर आपका मन झूमने के लिए बेताब होने लगे।

* जब बात-बात पर मन खुशी से झूम उठे या मन रोने या रूठने का करने लगे।

* उनका मन में खयाल आते ही दिल में कुछ-कुछ होने लगे।

* आपका दिल हमेशा उससे मिलने के लिए बेचैन रहने लगे।

* उसके आने के पहले बहुत कुछ कहने को मन करे। उसके आने पर कुछ न कह पाएं। लब सिर्फ फड़फड़ाकर रह जाएं। कोई भी नई चीज खरीदने पर आपको लगने लगे पहले उसे दिखाऊं।

* उससे मिलने के लिए जाते वक्त दिल में अजीब-सी गुदगुदी होने लगे। मन प्रफुल्लित होकर शरीर हवा में उड़ने लगे।

* आप अपने बॉडी और फिगर पर अधिक ध्यान देने लगें। इसके लिए जिम आने लगें।

* बार-बार आप खुद को आईने के सामने खड़े पाएं। चेहरे पर हल्की-सी दाग से आपका मन विचलित होने लगे।

* आप अपने बालों का स्टाइल बदल लें। इसके लिए दोस्तों से सलाह लेने लगें।

* आपमें गजब का ड्रेस सेंस आ जाए। हर घंटे ड्रेस बदलने का मन होने लगे या हर रोज नई ड्रेस पहनने या नई ड्रेस खरीदने की इच्छा करने लगे।

* अपनी पसंद-नापसंद को भूल जाएं। उसकी पसंद-नापसंद को ज्यादा एहमियत देने लगें।

* उसकी हर अदा पर हो जाएं आप फिदा।

* आप अपनी लाइफ स्टाइल छोड़कर उसकी लाइफ स्टाइल अपनाने लगें।

* आप उससे दोस्तों के साथ मिलने की बजाय अकेले में मिलना चाहें। उससे अकेले में ही बात करने की इच्छा हो।

* आपका दिल उस पर मर मिटने को होने लगे।

* मैं की बजाय 'हम' शब्द का आप अधिकाधिक इस्तेमाल करने लगें।

* फुर्सत के क्षणों में आप रोमांटिक कल्पनाओं में डूब जाएं। आपको लगने लगे, वह आपकी बाहों में है या आप उसकी गोद में सिर रखकर लेटे हैं।

* उसके जैसा कोई खूबसूरत न लगे। सारी दुनिया की लड़कियां उसके सामने बदसूरत और फीकी लगने लगे।

Thursday, September 1, 2011

क्या हुआ जो दिल टूट गया..???

WD
ब्रेकअप के बाद नॉर्मल लाइफ में लौटना आसान नहीं होता, लेकिन यह क्यों भूला जाए कि जीवन चलने का नाम होता है और ऐसी बातों से इसकी गाड़ी पर ब्रेक नहीं लगता। प्यार की खुमारी ऐसी ही होती है कि जब तक इंसान उसमें डूबा रहता है, उसे दुनिया का होश नहीं रहता। लेकिन यही रिश्ता अगर टूट जाए, तो इस दर्द से उबर पाना आसान नहीं होता। लेकिन जिंदगी किसी के जाने से रुकती नहीं है और इसे तो आगे ही बढ़ा होता है। ऐसे में जरूरी है कि इस चीज से बाहर आकर मुस्कुराना सीखना चाहिए।

खुद को अच्छे से ट्रीट करें
ब्रेकअप के बाद अक्सर लोग एकदम टूट जाते हैं या फिर खुद को कोसते रहते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो ऐसा न करें। अपने अतीत को भूलने की कोशिश करें। इससे आप इमोशनल तौर पर कमजोर नहीं होंगे। खुद को महत्व देना सीखें। ब्रेकअप के बाद कई लोग जिम या पार्लर जाना बंद कर देते हैं। आप ऐसा कतई न करें।
इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि आपको इसी समाज में जीना है और वह भी सिर उठाकर। तो सारा ध्यान अपने करियर पर फोकस करें। अपनी पसंद की हॉबी क्लास जॉइन करें। अपना सही रूटीन बनाएं और उसी को फॉलो करें। अपने मूड को अच्छी चीजों की ओर मोड़ें और पॉजिटिव सोच रखें। कभी यह न सोचें कि ब्रेकअप के बाद आपकी लाइफ में कुछ भी अच्छा नहीं होगा।

दोस्तों के साथ समय बिताएं
मूड ऑफ करके घर में अकेले रहने से बात नहीं बनेगी। अपने दोस्तों को हमेशा विश्वास में रखें और करीबी दोस्तों से अपनी बातें शेयर करें। उनके साथ बाहर घूमने भी जाएं। इस तरह आप अपनी भावनाएं उनसे कह पाएंगे। अपने दोस्तों के साथ कॉमेडी फिल्म देखना अच्छा आइडिया रहेगा। अगर आप किताबें पढ़ने के शौकीन हैं, तो अपने फेवरेट लेखक की बुक्स पढ़ें या फिर अच्छा म्यूजिक सुनें।

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ध्यान कहीं और लगाएं
अपनी एक्स गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के लेटर्स व फोटो संभालकर न रखें। अपनी भावनाओं को छिपाएं नहीं और ना ही बहुत ज्यादा रोएं। लोग अक्सर अपने लवर को याद करके आंसू बहाने लगते हैं और यही उनकी कमजोरी बन जाते हैं। इससे आप फिजिकल और मेंटल तौर पर कमजोर पड़ सकते हैं।

अपने पुराने प्यार को अपनी जिंदगी से दूर करने के लिए उससे जुड़ी सारी चीजें खुद से दूर कर दें। आप चाहें तो अपना ध्यान स्प्रिचुएलिटी की ओर भी लगा सकते हैं। इससे आपको स्ट्रेंथ मिलेगी। अगर आपका इंटरेस्ट सोशल वर्क में है, तो एनजीओ जॉइन कर लें या कोई और सुकून देने वाला काम करें। ऐसे लोगों से मिलकर आपको अहसास होगा कि तमाम लोग आपसे भी ज्यादा परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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संयम रखें
कुछ लोग ब्रेकअप के दर्द से उभरने के लिए जल्दबाजी में दूसरा अफेयर शुरू कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह वे अपना तनाव दूर कर लें। हालांकि कई बार यह फैसला आपको और परेशान कर सकता है। इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और अच्छी तरह सोचने व समझने के बाद ही आगे बढ़ें।

आगे की सोचें
अपने फ्यूचर पर ध्यान दें। अक्सर लोग ब्रेकअप के बाद अपराधबोध महसूस करने लगते हैं या फिर नकारात्मक विचारों में घिर जाते हैं। अगर आप इनमें से एक हैं, तो इस बात को ध्यान में रखकर चलें कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है। इस बात का भी ध्यान रखें कि अपने कलीग्स व दोस्तों के साथ मिलकर अपने एक्स बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के बारे में गॉसिप न करें।

Tuesday, August 16, 2011

आपको कैसा लाइफ पार्टनर चाहिए?


लड़की जबसे समझदार मानी जाती है तभी से उसके दिमाग में डाल दिया जाता है कि उसे शादी कर किसी पराए घर की शोभा बढ़ानी है। उसे किसी 'और' की जिंदगी संवारनी है। खैर, सवाल यह नहीं है कि माता-पिता से कैसे निपटा जाए।

सवाल है आखिर इस 'अद्भुत प्राणी' का चयन कैसे किया जाए? शायद ठीक-ठीक इस सवाल का जवाब अब तक किसी लड़की को नहीं मिला है। चलिए आपको कैसा पति चाहिए, यह जानने में हम आपकी मदद करते हैं। नीचे दिए जा रहे सवालों के अपने अनुसार सही जवाब पर टिक कीजिए और जानिए अपने दिल का हाल


1. आपका जीवनसाथी -
क. गुड लुकिंग होना चाहिए
ख. गुड लुकिंग के साथ इंटेलिजेंट होना चाहिए
ग. जैसा भी हो, मेरी भावनाओं की कद्र करे

2. आपके जीवनसाथी का व्यवहार-
क. सबके साथ सरल होना चाहिए
ख. बिलकुल नारियल जैसा चाहिए
ग. संवेदनशील होना चाहि

3. स्वास्थ्य के लिहाज से उसका-
क. लंबाई व चौड़ाई के अनुसार वजन चाहिए
ख. 6 पैक्स ऐब होने चाहिए
ग. ओवर वेट चलेगा मगर अंडर वेट नहीं चाहि

4. आप चाहती हैं शादी के बाद वह-
क. आपको कहीं घुमाने ले जाए
ख. तोहफे लाकर दे
ग. दूसरों के सामने आपसे प्यारी-प्यारी बातें करे

5. शादी के बाद नौकरी के मसले पर आप चाहती हैं-
क. परिस्थिति अनुसार निर्णय लें
ख. पति आप पर निर्णय छोड़ दे
ग. सोचती हैं पति जैसा कहेगा वैसा करेंगी

6. लाइफ इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए आप-
क. कुछ एडवेंचरस आजमाएंगी
ख. कभी कभार घूमने जाना पसंद करेंगी
ग. पति के साथ मायके में वक्त गुजारना चाहेंगी

7. आप चाहती हैं आपके जीवनसाथी से बात करने का तौर तरीका
क. हर आयु वर्ग के साथ फिट होना चाहिए ताकि बच्चों से लेकर बूढ़े तक उसे पसंद करें
ख. तार्किक होना चाहिए
ग. मजाकिया होना चाहिए

8. यदि आप रूठ जाएं तो आप चाहेंगी कि वह-
क. अपना हक जताते हल्की फुल्की डांट लगा दे
ख. रोमांटिक बातें करके आपको मनाए
ग. किसी शायरी या कविता से आपको मना

9. जब आप उसे अपने दिल का हाल बताएं तो आप चाहेंगी कि-
क. बिन बोले ही वह सब समझ जाए
ख. आप बोलती जाएं और वह सुनता जाए
ग. कुछ अपनी कहें, कुछ आपकी सुने

10. यदि आप बीमार पड़ जाएं तो वह-
क. देखभाल करे लेकिन 24 घंटे चिपका न रहे
ख. देखभाल किसी बच्चे की तरह करे
ग. बस उसका पास होना ही काफी होगा

निष्कर्ष :
इस क्विज में हर सवाल के तीन जवाब हैं और तीनों जवाब अपने आपमें सही हैं। इन्हें अंकों में विभाजित नहीं किया गया है। इस क्विज के तहत आप तीन किस्म के अलग-अलग प्रकार के व्यक्ति से परिचित होंगी। इसमें एक व्यावहारिक गुणवत्ता लिए होगा तो दूसरे प्रकार का व्यक्ति चंचल मन का होगा। जबकि तीसरे प्रकार का व्यक्ति दिल का साफ होगा। उसकी मासूमियत आपका दिल जीतेगी

(क) यदि आपके जवाबों में 'क' अधिकतम है तो आपकी चाहत शहजादियों जैसी नहीं है। आप चाहती हैं कि आपका पति आपको सिर्फ प्यार करे, आप पर अपना हक समझे। आपका पूरा जोर होगा कि उसे आप किसी तरह की कमी महसूस होने नहीं देंगी। हर कदम पर उसका साथ देने के लिए तत्पर होंगी। यही कारण है कि आपको एक सीधा-सादा, भोला-भाला वर चाहिए जो
ज्यादा चालाक चतुर न हो यानी दिल का साफ हो

(ख) यदि आपने ज्यादा 'ख' में टिक किए हैं यानी आप बेहद व्यावहारिक हैं। जिंदगी की हकीकत से रूबरू हैं। इसलिए आप चीजों को दिल से नहीं बल्कि दिमाग से सोचती हैं। आपको कोई भी चीज आधी-अधूरी पसंद नहीं आती। आपको हर चीज पूरी चाहिए। इसलिए आपको सिर्फ स्मार्ट नहीं इंटेलिजेंस व्यक्ति की भी तलाश है। आपके इस प्रकार की पसंद का कारण है कि सफलता आपके कदम चूमती है। आपका यही व्यवहार आप दोनों के बीच सामंजस्य बैठाने में सहयोग करेगा

(ग) यदि आपने ज्यादा से ज्यादा 'ग' में टिक किया है तो मानना पड़ेगा कि आप कितनी भावुक हैं। आप अपनी भावनाएं अपना जीवनसाथी चुनने के दौरान भी छिपा नहीं सकेंगी। आपके लिए प्यार सबसे महत्वपूर्ण है। वह आपको जिस भी स्थिति में रखेगा आप रह लेंगी बशर्ते वह आपको बहुत प्यार करता हो यानी आपको भावुक जीवनसाथी चाहिए।

सात फेरों के सात खूबसूरत वचन

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वचन जो वर लेता है वधु से

पहला- अगर तुम मेरी अर्द्धांगिनी बनना चाहती हो तो किसी पर पुरुष से नहीं मिलना, बिना बताए मायके नहीं जाना और किसी निर्जन स्थान पर नहीं जाना

दूसरा- रात में घर से नहीं निकलना और पानी भरने नहीं जाना।

तीसरा - किसी भी पूजन, जप, तप में मेरे साथ रहना।

चौथा- कभी कोई दान अकेले नहीं करना, उसमें मुझे सहभागी बनाना।

पांचवां - किसी पर पुरुष के साथ नहीं रहना और कहीं भी अकेले नहीं जाना

वचन जो वधु लेती है वर से

छठवां- आप मुझे हर स्थान पर अपने साथ लेकर चलना, देश हो या विदेश

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सातवां- किसी भी काम को करने से पहले मुझसे सलाह जरूर लेना

और ये वचन दोनों के लिए

आठवां- शादी के तुरंत बाद अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन जरूर कराएंग

Saturday, March 5, 2011

Love and friendship: रिश्तों की पहचान खुशी व गम

Love and friendship: रिश्तों की पहचान खुशी व गम: "NDNDहेलो दोस्तो! जब कोई आपका भला कर रहा होता है उस समय आपको यही लगता है कि आप जीवनभर यह मदद या अहसान नहीं भूलेंगे। चाहे आगे चलकर विचारों के..."

Love and friendship: रिश्तों की पहचान खुशी व गम

Love and friendship: रिश्तों की पहचान खुशी व गम: "NDNDहेलो दोस्तो! जब कोई आपका भला कर रहा होता है उस समय आपको यही लगता है कि आप जीवनभर यह मदद या अहसान नहीं भूलेंगे। चाहे आगे चलकर विचारों के..."

Thursday, February 3, 2011

रिश्तों की पहचान खुशी व गम


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हेलो दोस्तो! जकोई आपका भला कर रहा होता है उस समय आपको यही लगता है कि आप जीवनभर यह मदद या अहसान नहीं भूलेंगे। चाहे आगे चलकर विचारों के कोई मतभेद ही क्यों न हो जाएँ पर इस सहायता की सच्चाई स्वीकारने में तनिक भी गुरेज नहीं करेंगे।

कई बार जीवन की कोई कठिन परिस्थिति, कोई छल, कोई पीड़ा आदि के कारण जब आपको लगता हो कि आपकी जिंदगी एक बिंदु पर आकर ठहर गई हो, आपका संपर्क, आपकी कोशिश जवाब दे रही हो, आपके सपने किसी काल कोठरी में बंद कर दिए गए हों। आपके जीवन में आशा, आकांक्षा एवं महत्वाकांक्षा जैसे शब्दों का स्थान समाप्त हो गया हो तब एक मेहरबान आपको आपकी शक्ति व क्षमता का एहसास कराता है। आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आपको मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा का अवसर दिलाता है।

उस वक्त आप अपनी पुरानी ठहरी हुई एकरस जिंदगी याद करके यही संकल्प करते हैं कि उस शख्स को जीवन के हर मुकाम पर याद करेंगे, हर उपलब्धि में उसका भी हाथ मानेंगे। पर समय बीतने के साथ ही जब आपका जीवन सुधर चुका होता है, जब आपको किसी सहारे की जरूरत महसूस नहीं होती है, जब पिछले मिले हुए अवसर से आपके लिए नया मंच तैयार होने लगता है तो अचानक आपको महसूस होता है यह मौका आपके व्यक्तित्व का नतीजा है।

आपकी शख्सियत में ही वह तेज, जादुई पैनापन एवं विद्वता भरी हुई है कि आज दुनिया उसका लोहा मान रही है। आपके मन में एक अजीब सी खीझ पैदा होती है कि नाहक किसी और को इसका श्रेय दे रहे थे। और, आप इठलाने लगते हैं सोचते हैं अब उस अहसान की माला जपने की क्या जरूरत है पर किसी कारणवश आप एक बार फिर कठिन हालात में आ फँसते हैं तब आपको फिर उसी मेहरबान की याद सताती है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

ऐसी ही कठिन घड़ी से गुजर रहे हैं रमाकांत (बदला हुआ नाम) अपनी जिस दोस्त की मदद व कोशिश से वे निराश व बेजान जिंदगी से उबरकर बाहर निकले और अपनी क्षमता पहचानकर नाम कमाया उसी दोस्त को मामूली समझकर पीछे छोड़ आए। समय के साथ उनकी मामूली दोस्त अब उनसे अधिक प्रतिष्ठित व शक्तिशाली हैं पर अब रमाकांत जी उनकी मित्रता की सूची से बाहर हैं। उस दोस्त से जब भी सामना होता है उन्हें अपना ओछापन बहुत कचोटता है। रमाकांत जी, कई बार मनुष्य अपनी चालाकी को समझदारी का नाम देता है और वह उस पर भारी पड़ती है।

जिस समझदारी का वास्ता संकीर्ण सोच से हो उसका नतीजा भी छोटा ही निकलता है। जब आप जीवन में अकेले थे, आपका सारा उत्साह समाप्त हो गया था तब आपको किसी ऐसे शख्स की जरूरत थी जो आपमें जीवन के प्रति नई उमंग भरे। दुनिया में फैली अनेक रंगीनियों की ओर आपका ध्यान दिलाए। खुशियों को महसूस करने का जज्बा पैदा करे। उस समय आपकी दोस्त ने आपको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आपका साहस बढ़ाया, आपको हौसला दिया।

यहाँ तक कि उसकी वजह से आपको अपनी महत्वाकांक्षाएँ परवान चढ़ाने का अवसर मिला पर फिर आप उसे भूल गए। फिर आपने किसी बहुत पुरानी पहचान का यह सोचकर दामन थाम लिया कि उसके आश्रय में अधिक स्थायित्व व सुरक्षा है। रमाकांत जी, जिस प्रकार आपने पाला बदला है, उसकी टीस तो आपको हमेशा ही रहेगी। यह टीस इसलिए नहीं है कि अब आपको अपनी हरकत पर शर्मिंदगी हो रही है बल्कि अफसोस हो रहा है कि आपकी दोस्त अच्छी स्थिति में है।

शायद उसकी स्थिति नहीं सुधरती तो आपको अपने किए पर कोई मलाल भी नहीं होता। अभी आपको लगता है उसका नेक स्वभाव, उसकी सहजता, मनुष्यता और मन बढ़ाने वाली बातों के साथ ही है अच्छी-खासी पहचान और पद जिसके हाथ से निकलने का दर्द आपको साल रहा है। खैर, हर व्यक्ति अपनी ही तरह का होता है। वह जो भी कदम उठाता है उसका खामियाजा उसे भुगतना ही पड़ता है। जब प्यार, दोस्ती, स्नेह, नेक नीयती आदि को व्यापार की तरह तोलना शुरू करते हैं तो उसमें घाटा-लाभ जैसा तत्व जुड़ ही जाता है।

बेहतर है कि रिश्ते को खुशी व गम के तराजू में ही तोलें। जिस रिश्ते से खुशी मिलती हो उसे सँभालें और जिससे दुःख-दर्द उससे किनारा करें। अब जो रिश्ता आपके पास है उसका साथ दें और सम्मान करें। ऐसा न हो कि आपके अफसोस की भनक इस रिश्ते को भी लील जाए। जो हो चुका उसे सुधारा तो नहीं जा सकता है, हाँ सीख लेकर बची हुई दुनिया को सुरक्षित किया जा सकतहै

दि‍ल में झाँकने का सही वक्त

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हैलो दोस्तो ! दुनिया ने धरती और आकाश में निहित अनेक गुत्थियाँ सुलझायी हैं। मनुष्य ने आकाश-पाताल में छिपे रहस्य समझने के लिए तरह-तरह की तकनीके विकसित की हैं। पर आज भी किसी का दिमाग पूरी तरह पढ़ पाना असंभव-सा काम लगता है। कोई दावे के साथ नहीं कह सकता है कि वह सौ फीसदी सामने वाले के मन की बात जानता है।

कई बार लोग अपने एक्‍प्रेशंस को इतना कंट्रोल कर लेते हैं कि भीतर का राज राज ही रह जाता है जिसकी मिसाल जासूसी विभाग में काम करने वाले लोगों में मिल सकती है। मन की गहराई का रहस्य कई बार रिश्ते के मामले में बहुत ही मानसिक उलझन में डालने वाला होता है।

तरह-तरह की गोलमोल बातों से अक्सर लोग किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पाते हैं। भावनाओं की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण वे हर समय एक प्रकार के द्वंद्व में फँसे रहते हैं। विशेषकर यदि यह रहस्यमय भावना प्रेम से संबंधित हो तो एक साथी की जान और भी सांसत में आ जाती है क्योंकि इस नाजुक रिश्ते में कोई बेहद अपना होते हुए भी बेगाना होता है।

इसी अपनेपन और बेगानेपन की उधेड़बुन नहीं सुलझा पा रहे हैं माधव गुप्ता (बदला हुआ नाम)। माधव, प्रिया (बदला हुआ नाम) को अपना निकटतम दोस्त मानते हैं। वे अपनी सारी समस्याएं उनसे बांटते हैं पर उन्हें लगता है कि प्रिया अपनी निजी समस्याएँ उनसे नहीं बांटती है जबकि प्रिया का दावा है कि वह उसकी सबसे अच्छी दोस्त है। माधव इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि प्रिया के मन के भीतर क्या चल रहा है।

ठीक ऐसी ही समस्या से जोगिंदर (बदला हुआ नाम) भी गुजर रहे हैं। पूरे दो वर्षों से मन ही मन पिंकी से प्रेम कर रहे जोगिंदर को पिंकी ने केवल इतना कहा है कि वह उसे पसंद करती है। जोगिंदर की उलझन है कि वह प्यार करती है या नहीं, यह कैसे पता लगाया जाए।

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माधव एवं जोगिंदर जी, समय के अलावा ऐसी कोई तरकीब या उपाय नहीं है जिससे आप झट अपनी दोस्त के दिल में झाँक लें। केवल समय आने पर ही इस राज से पर्दा उठ पाता है। हर रिश्ते में एक समय आता है जब व्यक्ति अपनी भावना सही आकार में साफ-साफ देख पाता है और उसे व्यक्त कर पाता है।

हर व्यक्ति के व्यक्तित्व की बनावट भिन्न होती है। उसके पालन-पोषण, पृष्ठभूमि के कारण हर शख्स अपनी भावना उसी के अनुसार सहेजता, समझता और संवारता है। बचपन से मिलने वाले अनुभव के आधार पर ही कोई व्यक्ति वयस्क अवस्था में भावनाओं की गंभीरता मापता है और उसे परिपक्व होने देता है।

बुनियादी तौर पर आपके व्यक्तित्व की बुनावट ही है जो आपको किसी से जल्द या देर से जोड़ती है। या यूं कहें कि किसी रिश्ते के निर्णायक नतीजे तक पहुँचने में जो समय लगता है वह आपका व्यक्तित्व ही तय करता है। हर व्यक्ति की तात्कालिक परिस्थितियां भी उसे किसी फैसले तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। यदि आप भावनात्मक रूप से अधिक अकेले हैं और आपका दोस्त आपके मन में बैठे छवि के अनुरूप है तो आप अपनी भावना को आकार देने और व्यक्त करने में कम समय लेंगे।

किसी पर दबाव डालकर उसे कोई निर्णय लेने के लिए उकसाना उचित नहीं है। यह उस व्यक्ति के साथ अन्याय है। यह सही है कि एक युवक या युवती के लिए ऐसी दुविधा में रहना बहुत पीड़ादायक है क्योंकि उसका बेहतरीन समय उस रिश्ते के परिपक्व होने पर निर्भर हो जाता है। नकारात्मक फैसले का डर, उसे नए सिरे से एक मनपसंद साथी तलाशने की कल्पना को जन्म देता है, जिसके विचार से ही वह कांप जाता है।

इन सबके बावजूद सही समय का इंतजार करना ही एक मात्र रास्ता है। किसी भी नौजवान के लिए ऐसी भावना को अपनी कमजोरी के बजाय मजबूती के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। किसी अच्छी या अच्छे दोस्त के सहयोग एवं अपनेपन से खुश होकर अपने भविष्य एवं कॅरिअर को बेहतर बनाने में ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

यदि आप अपने जीवन को लेकर गंभीर होते हैं तो आपके व्यक्तित्व में भी एक प्रकार की गंभीरता एवं स्थायित्व सा आता है। यह ठहराव एवं करियर में उपलब्धि सामने वाले को सकारात्मक निर्णय की ओर ले जाती है। वह अपने आपको भावनात्मक एवं सामाजिक रूप से ऐसे व्यक्ति के पास अधिक सुरक्षित पाता है। दूसरे पर दबाव डालने व चिंता करने के बजाय खुद के भीतर गुण इकट्ठा करना चाहिए ताकि दूसरा प्रभावित एवं आश्वस्त हो सके