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पहला- अगर तुम मेरी अर्द्धांगिनी बनना चाहती हो तो किसी पर पुरुष से नहीं मिलना, बिना बताए मायके नहीं जाना और किसी निर्जन स्थान पर नहीं जाना।
दूसरा- रात में घर से नहीं निकलना और पानी भरने नहीं जाना।
तीसरा - किसी भी पूजन, जप, तप में मेरे साथ रहना।
चौथा- कभी कोई दान अकेले नहीं करना, उसमें मुझे सहभागी बनाना।
पांचवां - किसी पर पुरुष के साथ नहीं रहना और कहीं भी अकेले नहीं जाना।
वचन जो वधु लेती है वर से
छठवां- आप मुझे हर स्थान पर अपने साथ लेकर चलना, देश हो या विदेश।
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और ये वचन दोनों के लिए
आठवां- शादी के तुरंत बाद अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन जरूर कराएंगे
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