ठंड की नरमी, वसंत ऋतु में खिले फूलों की खुशबू, मौसम की रवानी और फाल्गुन में मदमस्त कर देने वाला फरवरी माह आ गया है। प्यार के कद्रदानों के लिए यह माह व्यस्तताओं से भरा होगा क्योंकि इस महीने के अधिकांश दिन प्यार करने वालों के लिए ही हैं। इस माह प्यार के इजहार और प्रस्ताव देने के कई दिन आएंगे, जिनमें आप अपनी भावनाओं को अपने प्यार तक बड़ी ही आसानी से पहुंचा सकते हैं। पेश है प्यार करने वालों के लिए प्यार का टाइम टेबल :
7 फरवरी - यह दिन रोज डे के रूप में मनाया जाता है। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए आप अलग-अलग रंगों के गुलाबों का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे प्यार के लिए लाल और दोस्ती के लिए पीला गुलाब।
8 फरवरी - प्रपोज डे के दिन प्रेमी-प्रेमिकाएं अपने चाहने वालों से प्यार का इजहार करते हैं। अगर आप किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं तब इस दिन कह डालिए अपनी बात, क्योंकि यह दिन आप ही के लिए बना है।
9 फरवरी - इसे चॉकलेट डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन आप अपने प्यार को चॉकलेट देकर अपने संबंधों में मिठास से भर सकते हैं।
10 फरवरी - टेडी डे, जिसमें टेडी टॉयज देने के बहाने भी आप प्यार को और गहरा कर सकते हैं।
11 फरवरी - प्रॉमिस डे, सच्चे प्रेमी प्रॉमिस डे पर एक-दूसरे से प्यार निभाने का वादा करते हैं।
12 फरवरी - किस डे, इस दिन सच्चे प्रेमी-प्रेमिका किस के जरिए अपना प्यार जताते हैं।
13 फरवरी - हग डे, इस दिन अपने साथी को दें एक जादू की झप्पी और उन्हें एहसास दिलाएं कि वे आपके लिए कितने खास हैं।
14 फरवरी - वेलेंटाइन डे, प्यार करने वालों के लिए सबसे बड़ा दिन जिसे संत वेलेंटाइन की याद में मनाया जाता है। इस दिन आप अपने प्यार के साथ सारा दिन बिता सकते हैं, उन्हें ब्यूटीफुल गिफ्ट्स दे सकते हैं।
15 फरवरी - इस दिन जरा संभल कर रहें, क्योंकि स्लैप डे है।
16 फरवरी - इस दिन को किक डे के रूप में मनाया जाता है, अपने प्रिय को प्यार से किक करें और लीजिए खट्टी-मीठी नोक-झोंक का मजा।
17 फरवरी - परफ्यूम डे, इस दिन फूलों और इत्र भेंट कर प्यार की खुशबू का मजा लें।
18 फरवरी - फ्लर्टिंग डे, प्यार के साथ फ्लर्ट करने का मजा ले सकते हैं।
19 फरवरी - कन्फेशन डे इस दिन अपनी सारी गलतियों को अपने प्रिय के सामने कन्फेस करें और उन गलतियों को न दोहराने का वादा करें। इससे आपके संबंध और मजबूत हो जाएंगे।
20 फरवरी - मिसिंग डे, इस दिन को एन्जॉय करने के लिए आप अपने प्रिय से दूर रहें और एक-दूसरे के साथ बिताए पलों को याद करें और अपने प्रियतम को प्यार भरे मिसिंग यू के संदेश भेजें।
याद कर लीजिए प्यार का यह टाइम टेबल और हो जाइए प्यार के इम्तिहान के लिए तैयार, गुड लक..
दोस्तो! कई बार आप बहुत चाव से एक डिश बनाते हैं या किसी चर्चित स्थान पर उसे खाने जाते हैं। और जब तक आप उसे चख नहीं लेते हैं तब तक एक काल्पनिक स्वाद आपके खयालों में होता है। पर, उस वक्त आप बेजुबान से हो जाते हैं जब उस अपेक्षित स्वाद का कहीं अता-पता नहीं होता है।
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काफी समय तक आप अपने मन में बसाया स्वाद ही तलाशते रहते हैं। यह सोचने के बजाय कि जो स्वाद आप ले रहे हैं वह कैसा है। और, यदि सोचते भी हैं तो बेहतर या कमतर की तुलना करते हुए। लिहाजा सारी डिश समाप्त हो जाती है और आपको संतोष नहीं मिलता है। यूं कहें कि आप जायके का मजा नहीं ले पाते है। इस अनुभव के बाद आप बहुत दिनों तक नया तजुर्बा करने से कतराते हैं। कई बार संबंधों में भी ऐसी मिसालें मिलती हैं।
सलीम (बदला हुआ नाम) भी कुछ ऐसे ही हालात से गुजर रहे हैं। कभी-कभार मिलने वाली एक रिश्तेदार सलीम को अच्छी लगती थी। उन्होंने बहुत ही रोमांस भरी जिंदगी की कल्पना में उससे शादी की। पर, वह शादी वैसी नहीं निकली जैसी उन्हें अपेक्षा थी और टूट गई। अब सलीम को एक और लड़की से प्यार हो गया है। पर वे उस प्यार को शादी के बंधन में बांधने से डरते हैं। इतना ही नहीं, हर समय इस रिश्ते के खूबसूरत क्षणों की तुलना पुराने रिश्ते से करते रहते हैं। पर, ऐसा करना उन्हें वर्तमान खुशी से दूर ले जाता है।
सलीम जी, दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है, यह कहावत आप पर इस समय बिल्कुल सही साबित होती दिखती है। आपके दिल में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिसे बचपन से जानते थे यदि उसके साथ विचारों, पसंदगी के इतने मतभेद हो सकते थे तो भला साल-दो साल की दोस्ती पर कितना भरोसा किया जा सकता है। एक तरह से आपकी दुविधा सही भी है पर दोनों रिश्ते में बहुत-बड़ा फर्क है। किसी को यूं ही रिश्तेदार के नाते जानना और किसी को दोस्ती और फिर प्रेम के कारण जानने में बहुत अंतर होता है।
जब साधारण सी दोस्ती, प्रेम की ओर बढ़ी है तो निश्चित ही उस व्यक्तित्व में कोई विशेष गुण है जो आपके लिए अनमोल है। वह गुण आपको जीने में मदद करने वाला है। ऐसा आप महसूस करने लगे हैं। इस रिश्ते को केवल रिक्तता से उपजा प्रेम भी नहीं कहा जा सकता है।
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रिक्तता से उपजने वाला प्रेम बहुत जल्द परवान चढ़ता है और जल्द ही उसके नतीजे भी सामने आ जाते हैं। पर दिल टूटने के बाद धीरे-धीरे पनपता, परवान चढ़ता और अपना स्थान बनाता प्यार काफी हद तक अपनी प्रकृति में स्थायीपन की महक साथ लाता है। साल-दो साल का अर्सा केवल नकली भावनाओं के सहारे नहीं चलाया जा सकता है। यदि इसमें सच्चापन नहीं होता तो इस रिश्ते में बंधे रहना आपके लिए आसान नहीं होता।
इसलिए डरने के बजाय उस नए रिश्ते में आगे बढ़ें। जैसे ही नए साथी पर भरोसा बढ़ेगा डर अपने आप समाप्त होता जाएगा और साथ ही वह तुलना वाली पीड़ा भी खत्म होती जाएगी। हर व्यक्ति भिन्न होता है इसलिए किसी से किसी की तुलना करनी फिजूल है।
नई दोस्त जैसी भी है वह आपको बेहद पसंद है तभी बार-बार आप उसके साथ पूरी जिंदगी बिताने के बारे में विचार करते रहते हैं। यह इस बात का भी संकेत देता है कि आप पुराना दर्द भूलकर नए अनुभव पर भरोसा करने लगे हैं। सारे सकारात्मक संकेतों के बावजूद आप चाहें तो थोड़ा और समय बीतने दें। दोस्ती और प्यार का साथ तो आपको मिल ही रहा है इसलिए शादी थोड़ी टाली भी जा सकती है।
रिश्ते में जिन पहलुओं को लेकर आपको थोड़ी हिचक व झिझक महसूस होती है कोशिश करें वैसी मिलती-जुलती परिस्थितियां आए और उसका व्यवहार देखें। हो सकता है, आपका व्यवहार आपकी अपेक्षा के विपरीत हो पर इससे निराश होने के बजाय आपको संवाद बनाना चाहिए।
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दोस्ती व प्रेम के साथ बने रिश्ते और अनजाने रिश्ते में यही बड़ा अंतर होता है। यहां आप संवाद बना सकते हैं। एक-दूसरे को समझने की कोशिश कर सकते हैं। एक-दूसरे के लिए थोड़ा पिघल सकते हैं। खुशी-खुशी प्यार से एक-दूसरे की पसंद के अनुसार ढलना प्रेम को बहुत बढ़ाता है और एक-दूजे के प्रति विश्वास को पक्का करता है।
जब किसी जोड़े को प्यार में देखकर यह जुमला निकलता है कि वे एक-दूजे के लिए बने हैं तो इसका मतलब यह नहीं होता कि वे दोनों बिल्कुल एक से हैं बल्कि यह होता है दोनों में सामंजस्य की अद्भुत क्षमता है । एक-दूसरे की जरूरत के अनुसार खुद को ढाल पाना ही जीवन भर साथ निभाने का अचूक नुस्खा है। इसे जीवन में लागू करें और निस्संकोच प्यार के रिश्ते को स्थायी मोड़ दें।
प्यार क्या होता है, इस सवाल का जवाब मुझे नहीं मालूम था। स्कूल में सहेलियों की स्लैम बुक भरते समय अक्सर यह कॉलम खाली छोड़ दिया करती थी कि प्यार क्या होता है? काश, किसी किताब में प्यार की परिभाषा दी होती, तो मैं उसे रटकर याद कर लेती। फिर बड़ी आसानी से बताती कि प्यार क्या होता है। वैसे जब छोटी थी तो लगता था कि सोलह साल की उम्र में प्यार होता है। मैं भी सोलह साल की हुई पर मुझे तो नहीं हुआ।जब सोलह साल की हुई तो बर्थ-डे विश करते समय कुछ लोगों ने कहा कि अहा, अब तो स्वीट सिक्स्टीन में आ गई हो। मुझे भी लगा कि स्वीट सिक्स्टीन यानी अब हमेशा से कुछ अलग होगा। ये क्या, अब भी कुछ अलग नहीं हुआ। सबकुछ वैसा ही चलता रहा जैसा था।मस्ती तो हम क्लास में पहले भी करते थे। सोलह साल के होने के बाद भी करते रहे। बारहवीं की पढ़ाई करते-करते सोलहवां साल आधा बीत गया। सोलहवें साल में मैं स्कूल पास कर कॉलेज पहुंच गई। फिल्मों में देखा था कि कॉलेज में जाकर लड़कियों को प्यार हो जाता है। मुझे तो नहीं हुआ।वैसे हमारी क्लास में प्यार करने वाले बहुत थे। सब उन्हें लव-बर्ड्स कहकर चिढ़ाया करते थे। यह सब देखने के बाद मैंने फैसला किया कि मैं कभी प्यार नहीं करूंगी और किया भी नहीं। सच कहूं तो हुआ ही नहीं। फिर कभी प्यार के बारे में सोचा भी नहीं। कॉलेज खत्म होने तक स्लैम बुक के लव कॉलम भरने के लिए मेरे पास शानदार शब्द थे। लव मतलब बकवास, प्यार का मतलब होता है, टाइम वेस्ट।समय बीतता गया और लव की फैन्टेसी दूर जाती रही। एक दिन ऑफिस में सीनियर ने विषय दे दिया कि प्यार पर लेख लिखो। जिसके लिए प्यार शब्द बकवास था, वो भला क्या लिखती? पर फिर भी काम टाला नहीं जा सकता था, इसलिए प्यार के बारे में सोचना शुरू किया।याद आया कि एक कपल के इंटरव्यू के दौरान देखा था कि साठ वर्ष की उम्र वाले सज्जन कैंसर से लड़कर ठीक होने वाली अपनी पचपन साल की पत्नी को जीने का रास्ता दिखा रहे थे। वे अपनी पत्नी से बार-बार यही कहते कि तुम ठीक हो जाओ, फिर मुझे अपना एक वादा पूरा करना है। कौन-सा वादा बाकी है आपका? उनकी पत्नी ने पूछा, अरे भई तुम्हें योरप घुमाना है।अब मुझे नहीं घूमना।क्यों नहीं घूमना? मुझे पता है तुम्हें घूमना है, लेकिन तुम इस बीमारी से डर रही हो। इस बीमारी में इतनी ताकत नहीं है कि तुम्हें घूमने न दे।जो लाड़ उस व्यक्ति की बातों में था, शायद उसे ही प्यार कहते हैं। याद आया, ऐसा प्यार तो मैंने सब्जी मंडी में भी देखा था।सब्जी मंडी में एक डॉक्टर साहब अक्सर मिल जाते हैं। वो शहर के नामी डॉक्टर हैं। घर पर नौकर-चाकर जरूर होंगे। फिर हर दो-चार दिनों में जब मैं सब्जी खरीदने जाती हूं, वो अपनी बीवी के साथ सब्जियां खरीदते हुए मिल जाते हैं। सब्जी का भरा हुआ झोला उनके कंधों पर टंगा रहता है। उनकी पत्नी केवल सब्जियां खरीदने में ही मगन रहती हैं। हमेशा से उन दोनों को यूं साथ-साथ देखने की मेरी आदत हो गई थी। एक बार काम के सिलसिले में उनके क्लिनिक में मुलाकात हुई और जान-पहचान बढ़ गई।इस परिचय के कुछ समय बाद एक दिन डॉक्टर साहब मंडी में अकेले ही सब्जियां खरीदते हुए नजर आए। उनका अभिवादन करते हुए मैंने सहज ही पूछ लिया कि आज आप अकेले कैसे? उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है।वे बोले, सब्जियां छांटने में मेरी मदद करो, मुझे सब्जी खरीदना नहीं आता है।मैंने कहा, रोज सब्जी खरीदने के बाद भी आप कह रहे हैं कि आपको सब्जी खरीदना नहीं आता। 'मैं कहां खरीदता हूं, वो खरीदती है।' पर, साथ तो आप भी रहते हैं न!अपनी पत्नी की खुशी के लिए मैं कंधे पर झोला लटकाए आ जाता हूं।आपको झोला लटकाए देख वो खुश हो जाती है?नहीं, मुझे झोला लटकाए देख वो खुश नहीं होती है। उसे सब्जियां खरीदने का शौक है। वो सब्जी खरीदकर खुश होती है, उसे खुश देखने के लिए मैं झोला टांग लेता हूं।दरअसल, विनीता को पैरों में तकलीफ है। उसे अकेले सब्जी मंडी तक भेजने में मुझे डर लगता है। उसका एक ही शौक है। अब इस उम्र में वो कोई नया शौक तो पालने से रही। उसकी खुशी के लिए मैंने ही अपना टाइम मैनेज कर रखा है।आपको अपनी पत्नी की इतनी फिक्र है। क्या आपकी लव मैरिज हुई थी?अरे नहीं, हमारे समय में लव मैरिज नहीं होती थी।फिर भी आप दोनों के बीच इतनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग कैसे है?किसने कहा, अच्छी अंडरस्टैंडिंग है। अक्सर वो मुझसे कहती है कि तुमने मेरे लिए क्या किया है? मैं धीरे से मुस्कुरा देता हूं। उसे क्या पता, मैंने उसके लिए क्या किया है?अब प्यार शब्द के मायने मुझे समझ आ रहे थे। जो समझ पाई, वो इतना ही कि प्यार को लिखा नहीं जा सकता, समझाया नहीं जा सकता, प्यार किया नहीं जा सकता, वह तो बस होता है या हो जाता है।
लड़की या लड़के को चाहने से पहले केवल उसकी सूरत पर ही न जाएँ थोड़ा उस सीरत यानी स्वभाव आदि से भी परिचित होना जरूरी है। उसके बाद ही इस क्षेत्र में कदम बढ़ाएँ तो बेहतर होगा। कहने का तात्पर्य इश्क-मोहब्बत से परहेज करने वालों के लिए तो यह भैंस के आगे बीन बजाने जैसा ही होगा।यहाँ मेरे परम मित्र का उदाहरण जरूर देना चाहूँगा कि जिस लड़की के आगे-पीछे साए की तरह घूमते थे, उसे प्रपोज करने के पहले उन्हें पूरा यकीन था कि जवाब नकारात्मक ही आएगा। 2-3 वर्ष पूरे दिलो-जान से फील्डिंग करने के उपरांत जब वैलेंटाइन डे के दिन उन्होंने मौका पाकर उन्हें प्रपोज किया तो लड़की साफ इंकार कर चलते बनी। जब हमने उनकेनकारात्मक विश्वास का कारण जानना चाहा तो उन्होंने कहा यार यह लड़की टोटल पढ़ाई पर ही ध्यान देती है।प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और फाइनल ईयर में भी वह कॉलेज के पूरे पीरियड अटैंड करती है। जब कभी मुझे मोहतरमा के गैलरी में दीदार हुए तो वे किताबों और फाइलों से ही चिपकी मिलीं। घर के अन्य सदस्य जब घूमते-फिरते थे तो मैं उनकी आवाज सुनने के लिए उन्हें फोन लगा दिया करता था और मैडम ही फोन उठाती थीं।अब जिस लड़की के लिए किताबों की दुनिया ही सब कुछ हो, बाहरी दुनिया से अनजान हो वह प्यार-मोहब्बत में क्या यकीन करेगी। खैर अब मुझे तसल्ली इस बात की है कि मैंने उससे पूछ तो लिया कि वह मुझसे दोस्ती करेगी या नहीं?अब मुझे किसी बात का मलाल नहीं और कल से मैं भी अपनी पढ़ाई में ध्यान लगाऊँगा। जब मैं उससे कहता यार तीन वर्षों में उसकी सहेली या अन्य किसी पर कोशिश करते तो शायद कई हाँ कर देती। इस पर कहते यही तो बात है प्यारे 'किसी को भी मैं इस दिल में बसा लूँ हो नहीं सकता, हो नहीं सकता।मैं भी उन्हें ढाढस बँधाते हुए कहता कि हाँ यार नुकसान तो उस लड़की का ही हुआ कि तुम उसकी किस्मत में नहीं थे। और दूसरा पक्ष जब तुमने उससे बात किए बगैर उसके बारे में इतनी जानकारियाँ एकत्र कर ली तो किसी न किसी फील्ड में जरूर तुम भी तरक्की कर लोगे। इस बात पर उसकी मायूसी में भी मुस्कराहट छूट ही जाती थी।
यदि आप किसी लड़की को चाहते हैं तो उससे प्यार का इजहार करने में अनावश्यक देरी न लगाएँ। माना यह काम मुश्किल जरूर है लेकिन ज्यादा प्लानिंग बनाते रहने और जी को मजबूत करने में कहीं ऐसा न हो कि कहीं और बाजी मार ले जाए और आप हाथ मलते रह जाएँ।* ज्यादा बढ़-चढ़कर बातें न करें। ऐसे कमिटमेंट जिन्हें पूरा करना आपके बस में न हो। फिल्मी डायलॉगबाजी को तो दिल से बिल्कुल ही निकाल दें। क्योंकि रील लाइफ और आपकी रीयल लाइफ में जमीन-आसमान का अंतर होता है।* यदि लड़की मना कर भी दे तो इसे विशेष असफलता के रूप में न लें। आप उसके लिए उपयुक्त नहीं हों या वह लड़की प्यार-मोहब्बत जैसी चीजों को ज्यादा तरजीह न दे ऐसा भी हो सकता है। हाँ आपको संगी-साथियों में हास्यास्पद न बनाए, इतना निवेदन उससे अवश्य कर सकते हैं।* आगे भी उसके प्रति किसी भी प्रकार का नकारात्मक दृष्टिकोण न रखें। 'सब कुछ संभव है' को मानकर हो सकता है आज नहीं तो कल 'हसीना मान जाएगी'। इसकी शिक्षा आप जरूर हिन्दी फिल्मों से ले सकते हैं।* दोस्तों को भी संबंधित लड़की का उपहास उड़ाने की छूट किसी भी कीमत पर न दें। इससे अच्छा इंप्रेशन नहीं पड़ेगा। दोस्तों के चयन में आपकी विशेष सावधानी यहाँ जरूर काम आएगी।* हर कदम वास्तविकता को ध्यान में रखकर उठाएँ। जैसे आपका अपने पैरों पर खड़े होना आदि। शादी के वक्त या बाद तक की पारिवारिक स्थिति पर गौर करते चलें। कभी न कभी इस हकीकत से आपको रूबरू होना ही पड़ेगा।* आपके संबंध सफल जीवन की नींव है जिससे कम से कम दो परिवार सीधे-सीधे प्रभावित होते हैं।* आपके आसपास घर-परिवार में ऐसे मामलों से प्रेरणा लें। घनिष्ठता होने पर प्रयोजन बताते हुए उनसे मागदर्शन लेने में संकोच न करें। क्योंकि उनके अनुभवों के आधार पर वे आपको बेहतर गाइड कर सकते हैं। विशेष रूप से अंतरजातीय मामलों में चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में प्रभाव आपके बच्चों तक की शादी पर पड़ने की संभावना रहती है। बच्चों के माँ-बाप की जाति अलग-अलग होना जरूर कुछ सवाल खड़े कर सकता है।
हैप्पी प्रपोज डे...! आपको तो पता ही है कि हम वेलेंटाइन वीक सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस वीक का दूसरा दिन है प्रपोज डे। अगर आप किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं या फिर रोज डे पर किसी कारणवश आप उनसे अपनी बात नहीं कह पाए हैं तब यह खास दिन सिर्फ आपके लिए है। इस दिन कुछ अलग अंदाज में आप अपने दिल की बात अपने प्रिय तक पहुंचा सकते हैं। जैसे समय के साथ प्रेम की परिभाषा बदली है, ठीक उसी तरह बदलते दौर के साथ-साथ प्यार का इजहार करने के तरीके भी बदले हैं। अब गया वो जमाना जब प्रेमी एक-दूसरे को पत्र लिखकर अपने प्यार का इजहार करते थे। फेसबुक और गूगल की दुनिया में कुछ भी असंभव या दुर्गम तरीका नहीं बचा। इसी कारण आज के प्रेमी अधिक तैयार, अधिक आत्मविश्वासी और अधिक प्रयोगशील हो गए हैं। इन्हीं प्रेमियों के लिए पेश हैं प्रपोज करने के लिए कुछ खास और हटकर तरीके : आकाश में प्लेन के धुएं से यदि आप वाकई कुछ खास और कुछ हट कर करना चाहते हैं तो इससे बेहतर विकल्प मिलना मुश्किल है। इसके लिए आपको दो चीजों की खास आवश्यकता रहेगी। पहली, अपने लोकल फ्लाइंग क्लब में खुद के या किसी और के माध्यम से पहचान, जिससे आपका काम आसान हो जाए। लेकिन इससे ज्यादा जरूरी और चुनौतीपूर्ण जरूरत है अच्छा-खासा बजट। यदि आप जिसे चाहते/चाहती हैं, उसके लिए असल में कुछ यादगार करना चाहते हैं और जवाब को हां बनाने की संभावना बढ़ाना चाहते हैं तो इस विकल्प पर निश्चित रूप से गौर कीजिएगा।अखबार में विज्ञापन देकर आपके प्रेमी को यदि रोजाना अखबार पढ़ने की आदत है और वह नियमित रूप से सारे पृष्ठों पर निगाह मारते हैं तो आप इस विकल्प के बारे में सोच सकते हैं। आप अपने प्रेमी के पसंदीदा अखबार में विज्ञापन छपवाकर अपने दिल की बात कह सकते हैं। इस तरीके के कुछ पहलू हैं जो अच्छे-बुरे दोनों हो सकते हैं, यह निर्भर आपके नजरिए पर करता है कि आप उन्हें कैसा मानते हैं। पहला यह कि इससे आधी दुनिया को पता चल जाएगा कि आपके दिल की बात क्या है। यदि आपको विश्वास है कि जवाब हां ही होगा, तो ही यह तरीका आपके लिए उचित है। दूसरा, यह तरीका कुछ लोगों को थोड़ा कम पर्सनल लग सकता है, हालांकि इसे और पर्सनल बनाने के लिए आप अपने प्रेमी के घर उस समय पहुंच सकते हैं जिस समय आपको पता है कि वे अखबार पढ़ते हैं। इस तरह वे आपका विज्ञापन देखेंगे और देखते से ही आपको खुद के सामने पाएंगे।फिल्म शुरु होने से पहले कैसा होगा यदि आप कोई रोमांटिक फिल्म देखने जाएं और पर्दे पर कुछ आए उससे पहले आपकी आंखों के सामने हों आपके प्रेमी अपने दिल की बात कहते हुए और आपको अपना जीवनसाथी बनाने की बात कहते हुए! बेहतर से बेहतर फिल्म से बढ़िया लगता है न। आप इस तरीके को अपने हिसाब से बदलकर कस्टमाईज कर सकते हैं। यदि आपका बजट बड़ा है और आप अपने दिल की बात ज़्यादा लोगों के सामने नहीं कहना चाहते हैं तो आप पूरा हॉल भी बुक कर सकते हैं। आप यदि सभी देखने वालों के सामने कहना चाहते हैं तो आप सिर्फ बीच की दो टिकटें लें और टिकट जांचने वाले व्यक्ति से निवेदन कर सकते हैं कि वह उस घड़ी टॉर्च की लाइट आप दोनों की तरफ कर दे। इससे फायदा यह होगा कि सब आपको देख पाएंगे और आपका उत्साहवर्धन निश्चित रूप से करेंगे। यह तरीका अधिक व्यक्तिगत, गहराई से सोचा हुआ और रूमानी होने का अच्छा मिण है और यदि पहले जवाब हां होने की संभावना 50-50 रही हो तो इसके बाद 75-25 तो हो ही जाएगी।रेडियो पर अपनी आवाज में क्या आप अपने दिल की बात चिल्ला-चिल्लाकर पूरी दुनिया के सामने कहना चाहते हैं और जानते हैं कि आपके प्रेमी/प्रेमिका को यह तरीका पसंद आएगा! तो यह तरीका आपके जैसे लोगों के लिए ही बना है। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। आप जानते ही होंगे कि आपके प्रेमी का पसंदीदा रेडियो स्टेशन कौनसा है और उस स्टेशन पर कौनसा ऐसा शो है जो वे गलती से भी सुनना नहीं छोड़ते हैं। बस अब उनके प्रिय रेडियो जॉकी की जगह उस दिन लेंगे आप और सारे सुनने वालों के सामने पेश होगी आपके दिल की बात। कोशिश करें कि आपका वह संदेश पहले से ही रिकॉर्ड कर लिया जाए ताकि आप उस समय अपने उन खास के साथ हों जब वह संदेश रेडियो पर प्रसारित किया जाए। प्यार का इजहार करने का यह एक ऐसा तरीका है जिसमें पर्सनल टच भले ही थोड़ा कम प्रतीत हो, लेकिन यह आपके प्रेमी की पसंद-नापसंद का ख्याल अच्छे से रखता है।हॉट एयर बेलून में आप यदि एडवेंचर के शौकीन हैं तो यह विकल्प शत-प्रतिशत आपको भाएगा। धरती से सैंकड़ों फुट ऊपर, बीच आकाश में प्यार का इजहार करने का अलग ही मजा है। न कोई देखने-सुनने वाले, न कोई इजहार की प्रक्रिया में बाधा डालने वाला। यह एकांत और रूमानियत का एक बढ़िया विकल्प है। यह तरीका बेहद विशेष और अनोखा होने के साथ-साथ निश्चित रूप से अविस्मरणीय साबित होगा। आप अपने प्रेमी से यह भी कह सकते हैं कि आप उनकी जिंदगी का सफर उतना ही खास बना देंगे जितनी की वह सैर है। हालांकि इस विकल्प के कुछ दोष भी हैं। यदि आपको या आपके प्रेमी/प्रेमिका को ऊंचाइयों का भय है तो यह तरीका निश्चित रूप से आपके लिए नहीं बना है। दूसरा, हॉट एयर बलून हर शहर में उपलब्ध नहीं होते और इन्हें खासतौर से जुटाना थोड़ा महंगा सौदा पड़ सकता है। और यदि आप इतना सब नहीं करना चाहते हैं और इस दिन को सामान्य रूप से सेलिब्रेट करना चाहते हैं तब इस दिन अपने प्यार के साथ अच्छा सा वक्त गुजारें और जब आप दोनों अपने-अपने घर को जाने लगे तब उनसे कह डाले अपने दिल की बात। यदि आप उनसे अपनी बात कह चुके हैं तब भी आपको निराश होने की जरुरत नहीं है। आपके लिए भी यह दिन उतना ही खास है जितना की न्यू लवर्स के लिए, इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए आप पूरा एक दिन अपने हमदम के साथ बिता सकते हैं, उन्हें फिर एक बार प्रपोज करें और अपने प्यार के पहले दिन को फिर से जीएं। पूरे दिन आप उन्हें अलग-अलग अंदाज में प्रपोज कर सकते हैं। तो फिर देर किस बात की, आज कर दीजिए उन्हें प्रपोज।